राज्य कृषि समाचार (State News)

घर में बनी मिठाइयों का स्वाद, वाह क्या बात है !

29 अक्टूबर 2024, भोपाल: घर में बनी मिठाइयों का स्वाद, वाह क्या बात है ! – जी हां ! दीपावली के अवसर पर घर में मिठाइयों को न बनाए जाए..ऐसा तो हो ही नहीं सकता है क्योंकि भले ही बाजारों से मिठाई लेकर आ जाए लेकिन घर में पारंपरिक मिठाइयों का स्वाद…तो वाह क्या बात है ही होता है..!

 वैसे भी  एक ओर लोग जहां दीपावली के त्योहार को मनाने की तैयारियां कर रहे है तो वहीं बाजारों से मिठाई और मावा भी खरीदने का सिलसिला जारी है लेकिन जिस तरह से बाजारों में नकली मावा मिलने और मिठाईयों में कीड़े निकलने के मामले सामने आ रहे है उससे अधिकांश लोगों ने इन दोनों वस्तुओं से न केवल दूरी बनाने लगे है वहीं महिलाओं की यदि माने तो उन्हें अभी भी बाजारों की मिठाईयों की अपेक्षा घर में बनने वाली पारंपरिक मिठाइयों पर विश्वास है ।  यही कारण है कि  दीपावली पर मेहमानों का मुंह मीठा कराने के लिए न केवल घरों में पारंपरिक मिठाईयां और नमकीन बनाने का सिलसिला शुरू हो गया है ।  वहीं किराना सामग्री की दुकानों से बेसन, रवा, मैदा और वे अन्य सामग्री खरीदी जा रही है जो घर में बनाने वाले नमकीन व मिठाईयों आदि में उपयोगी होती है। बता दें कि बीते कुछ दिनों से नकली मावा मिलने के साथ ही बड़ी और नामी दुकानों पर मिलने वाली मिठाईयों में कीड़े निकलने के मामले सामने आ रहे है।  महिलाओं ने बताया कि वैसे तो गूंजे बनाने या अन्य मिठाइयां बनाने के लिए मावा जरूरी होता है लेकिन जिस तरह से बासी और मिलावटी मावा मिलने की जानकारी मिल रही है उससे मावे का उपयोग नहीं करने का मन बना लिया है। इसके चलते बगैर मावे के ही गूंजे जैसी मिठाई वे बना रही है। इसी तरह कुछ महिलाओं ने यह भी बताया कि बाजार से मिठाई न केवल महंगी मिलती है वहीं क्वालिटी पर भी संशय बना हुआ है इसलिए घर में पारंपरिक मिठाई बनाना ज्यादा बेहतर रहता है और घर में बनी मिठाई जल्दी खराब भी नहीं होती है।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

Advertisement
Advertisement

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement