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तो क्या अब महंगा हो जाएगा चाय का स्वाद, आखिर क्यों!

21 फ़रवरी 2025, भोपाल: तो क्या अब महंगा हो जाएगा चाय का स्वाद, आखिर क्यों! – चाय का स्वाद क्या अब महंगा हो जाएगा…..! हालांकि अभी इस बात को तय नहीं किया जा सकता है लेकिन जिस तरह से देश में चाय का उत्पादन घट रहा है उससे इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि चाय का स्वाद महंगा हो जाएगा। बता दें कि असम सहित अन्य कुछ राज्यों में किसानों द्वारा चाय का उत्पादन किया जाता है लेकिन जो आंकड़े सामने आ रहे है उसके अनुसार चाय का उत्पादन लगातार घट रहा है।

भारत में पिछले साल यानी 2024 में चाय उत्पादन काफी कम हो गया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो ये चार साल के न्यूनतम स्तर पर है। इस दौरान 1,284 मिलियन किलोग्राम दन घटने के पीछे मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को बताया जा रहा है। इसी के चलते उत्तर और दक्षिण भारत के प्रमुख चाय उत्पादन क्षेत्रों में उत्पादन प्रभावित हुआ।

2024 में उत्पादन में कमी विशेष रूप से उत्तर भारत में अधिक रही, जहां उत्पादन लगभग 100 मिलियन किलोग्राम (लगभग 8.5 प्रतिशत) घटकर 1,057.98 मिलियन किलोग्राम (1,156.98 मिलियन किलोग्राम) हो गया। दक्षिण भारत में उत्पादन में लगभग 10 मिलियन किलोग्राम (लगभग 4.17 प्रतिशत) की कमी आई, जो 226.80 मिलियन किलोग्राम (236.68 मिलियन किलोग्राम) रह गया। इस गिरावट का मुख्य कारण इन क्षेत्रों में मौसम की अनियमितताएं बताई जा रही हैं। असम, जो कि भारत का सबसे बड़ा चाय उत्पादक राज्य है, में उत्पादन 5.6 प्रतिशत घटकर 649.84 मिलियन किलोग्राम (688.33 मिलियन किलोग्राम) हो गया। पश्चिम बंगाल में कुल उत्पादन 14 प्रतिशत घटकर 373.48 मिलियन किलोग्राम (433.54 मिलियन किलोग्राम) हो गया।  पश्चिम बंगाल के डुआर्स क्षेत्र में चाय उत्पादन 209.43 मिलियन किलोग्राम (237.71 मिलियन किलोग्राम) था, जबकि तराई क्षेत्र में उत्पादन घटकर 158.45 मिलियन किलोग्राम (189.82 मिलियन किलोग्राम) हो गया। दार्जिलिंग में चाय उत्पादन पिछले साल के 6.01 मिलियन किलोग्राम से घटकर 5.60 मिलियन किलोग्राम हो गया। उत्तर भारत के अन्य चाय उत्पादक क्षेत्रों में, जैसे हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में, उत्पादन में मामूली गिरावट आई और यह 34.66 मिलियन किलोग्राम (35.11 मिलियन किलोग्राम) रह गया।

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