राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

SOMS 2026 में कृषि विश्वविद्यालयों, शोधकर्ताओं और एग्री-टेक इनोवेटर्स के लिए होगा ‘थीसिस शोडाउन’

19 मई 2026, नई दिल्ली: SOMS 2026 में कृषि विश्वविद्यालयों, शोधकर्ताओं और एग्री-टेक इनोवेटर्स के लिए होगा ‘थीसिस शोडाउन’ – कृषि क्षेत्र अब प्रिसिजन फार्मिंग, टिकाऊ खेती और बेहतर पोषक तत्व दक्षता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में स्पेशलिटी एंड ऑर्गेनिक न्यूट्रिएंट सॉल्यूशंस (SOMS) पारंपरिक उर्वरकों के महत्वपूर्ण पूरक के रूप में पहचान बना रहे हैं। पोषक तत्वों की बेहतर उपलब्धता, मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार और टिकाऊ फसल उत्पादन को बढ़ावा देने में इनकी भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है, खासकर तब जब दुनिया के कई देश दीर्घकालिक खाद्य और पोषण सुरक्षा लक्ष्यों पर काम कर रहे हैं।

कृषि उत्पादकता और मानव स्वास्थ्य दोनों में पौध पोषण के बढ़ते महत्व को ध्यान में रखते हुए सॉल्युबल फर्टिलाइज़र इंडस्ट्री एसोसिएशन (SFIA) ने अपने रिसर्च कॉन्टेस्ट के दूसरे संस्करण की घोषणा की है। यह प्रतियोगिता कृषि और तकनीकी संस्थानों के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य पौध पोषण के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना, वैज्ञानिक अनुसंधान को मजबूत करना और स्पेशलिटी एवं ऑर्गेनिक न्यूट्रिएंट सॉल्यूशंस से जुड़ी नई तकनीकों को प्रोत्साहित करना है।

यह प्रतियोगिता SOMS उर्वरकों और आधुनिक एग्री-इनपुट तकनीकों से जुड़े कई शोध विषयों को कवर करेगी। इसमें SOMS उर्वरकों को संपूर्ण पोषक तत्व प्रबंधन पैकेज के रूप में या सॉल्युबल फर्टिलाइज़र, ऑर्गेनिक फर्टिलाइज़र, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, बायोस्टिमुलेंट्स और इंटीग्रेटेड क्रॉप न्यूट्रिशन सॉल्यूशंस के साथ उपयोग करने से संबंधित कृषि अनुसंधान शामिल होंगे।

शोधकर्ताओं को SOMS एग्री-इनपुट्स से जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी और प्रोसेस इनोवेशन पर आधारित शोध प्रस्तुत करने के लिए भी आमंत्रित किया जाएगा। विशेष रूप से उत्पादन दक्षता, उत्पाद गुणवत्ता और बड़े पैमाने पर उत्पादन क्षमता को बेहतर बनाने वाले शोधों पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा गुणवत्ता नियंत्रण, मानकीकरण और नियामकीय अनुपालन को मजबूत करने के लिए परीक्षण और वैलिडेशन पद्धतियों के विकास से जुड़े विषय भी शामिल होंगे।

प्रतियोगिता में मिट्टी के स्वास्थ्य से जुड़े शोध भी प्रमुख फोकस में रहेंगे। इसमें मिट्टी के pH प्रबंधन, क्षारीयता नियंत्रण और चुनौतीपूर्ण मिट्टी परिस्थितियों में पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाने जैसे विषय शामिल होंगे। साथ ही SOMS एग्री-इनपुट्स और पारंपरिक सब्सिडी वाले उर्वरकों के बीच तुलनात्मक अध्ययन भी प्रतियोगिता का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। इन अध्ययनों में पोषक तत्व उपयोग दक्षता, फसल प्रतिक्रिया, आर्थिक व्यवहार्यता और मिट्टी पर दीर्घकालिक प्रभाव जैसे पहलुओं का मूल्यांकन किया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार, ‘थीसिस शोडाउन’ के पिछले संस्करण में वेस्टवॉटर से अमोनिया रिकवरी कर उसे सॉल्युबल फर्टिलाइज़र के रूप में उपयोग करने तथा फसल स्प्रेइंग सिस्टम में रोबोटिक्स के उपयोग जैसे शोध विचार सामने आए थे। चयनित परियोजनाओं को आगे के अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहित करने के लिए नकद प्रोत्साहन भी दिया गया था। इस वर्ष भी शीर्ष तीन शोध प्रस्तुतियों को कृषि विज्ञान और नवाचार में उनके योगदान के लिए नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

इस प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले “थीसिस शोडाउन” स्पेशलिटी फर्टिलाइज़र समिट – SOMS 2026 के दौरान आयोजित किया जाएगा, जो 2 जुलाई 2026 को अहमदाबाद में होने वाला है। इस समिट में विभिन्न देशों के नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और कृषि विशेषज्ञ शामिल होने की उम्मीद है। यह मंच फाइनलिस्ट्स को अपने शोध को वैश्विक दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर देगा।

इस वर्ष विस्तारित स्वरूप में IITs, ICAR संस्थानों, नेशनल रिसर्च सेंटर्स (NRCs) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, डिजिटल एग्रीकल्चर तथा नेक्स्ट-जेनरेशन एग्री-टेक सिस्टम्स पर काम कर रहे तकनीकी संस्थानों की भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि इससे तकनीक आधारित नवाचार को टिकाऊ खेती और आधुनिक पोषक तत्व प्रबंधन प्रणालियों के साथ बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकेगा।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agric

Advertisements