राज्य कृषि समाचार (State News)

मुरैना कलेक्टर ने मूंग खरीदी एवं अन्य कृषि कार्यों की समीक्षा की

12 अगस्त 2026, मुरैना: मुरैना कलेक्टर ने मूंग खरीदी एवं अन्य कृषि कार्यों की समीक्षा की –  कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने मूंग पंजीयन एवं खरीदी, खाद की उपलब्धता एवं वितरण, फार्मर आईडी, मिशन फॉर आत्मनिर्भर इन पल्सेस, कृषि विभाग की योजनाओं, पशुपालन, उद्यानिकी, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, समग्र ई-केवाईसी, जन विश्वास अभियान, लोक सेवा गारंटी, शिक्षा, नगरीय निकायों में साफ-सफाई एवं जलभराव सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत, समस्त एसडीएम, आयुक्त नगर निगम, समस्त जिला अधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ एवं तहसीलदार उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने  अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों एवं आमजन से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएं। मूंग खरीदी की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कृषि विभाग से मूंग पंजीयन एवं खरीदी की जानकारी ली। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि मूंग पंजीयन का सत्यापन शत-प्रतिशत वास्तविक एवं भौतिक आधार पर किया जाए। सत्यापन में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाए तथा पंजीयन में दर्ज रकबे का वास्तविक रूप से सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मूंग की खरीदी सभी सात खरीदी केन्द्रों पर पूर्ण रूप से प्रारंभ कर दी जाए, क्योंकि खरीदी की अंतिम तिथि 20 अगस्त निर्धारित है। उन्होंने अपर कलेक्टर को सभी सातों खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए तथा कहा कि 20 अगस्त तक खरीदी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

कलेक्टर ने कहा कि सभी खरीदी केंद्रों पर किसानों से व्यवस्थित, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से मूंग खरीदी हो, यह प्राथमिकता होनी चाहिए। सर्वेयर अपने दायित्वों का ठीक प्रकार से निर्वहन करें और मूंग की गुणवत्ता का नियमानुसार परीक्षण करें। एफएक्यू मानकों के अनुरूप नहीं आने वाली मूंग की खरीदी नहीं की जाए। इसी प्रकार खराब, सड़ी-गली अथवा रिसाइकल की गई मूंग की खरीदी किसी भी स्थिति में नहीं की जाए। उन्होंने गलत पंजीयन अथवा दस्तावेजों की जांच में भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि वास्तविक एवं गुणवत्तापूर्ण उपज को अनावश्यक रूप से रिजेक्ट भी नहीं किया जाए।

कलेक्टर ने कृषि विभाग को सर्वेयरों के कार्य पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीदी प्रक्रिया में निष्पक्षता एवं एकरूपता बनी रहनी चाहिए तथा समान गुणवत्ता की उपज की खरीदी में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। खाद की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने मार्कफेड को निर्देश दिए कि रिटेल आईडी पर खाद की उपलब्धता तत्काल ट्रांसफर की जाए, ताकि किसानों को खाद प्राप्त करने में किसी प्रकार की समस्या न आए। उन्होंने कहा कि खाद वितरण की पूरी व्यवस्था सुचारू एवं पारदर्शी हो तथा किसानों को खाद के लिए अनावश्यक परेशान न होना पड़े। कलेक्टर ने फार्मर आईडी बनाने के कार्य को अभियान के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, वे संबंधित पटवारी से संपर्क कर अपनी फार्मर आईडी बनवा सकते हैं। कलेक्टर ने कहा कि आगामी रबी सीजन में टोकन व्यवस्था पुनः लागू हो सकती है। ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की समस्या से बचने तथा किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए किसान अभी से अपनी फार्मर आईडी बनवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई पटवारी फार्मर आईडी बनाने में लापरवाही करता है अथवा किसान को मना करता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी पटवारियों को प्रातः 10 बजे से शाम 6 बजे तक क्षेत्र में उपस्थित रहकर किसानों से संपर्क करने तथा फार्मर आईडी से संबंधित कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। सभी एसडीएम को इसकी नियमित निगरानी कर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मिशन फॉर आत्मनिर्भर इन पल्सेस की समीक्षा कलेक्टर ने मिशन फॉर आत्मनिर्भर इन पल्सेस, जो केन्द्र प्रायोजित योजना है, की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बताया कि योजना के तीन प्रमुख पहलू हैं, जिनमें अच्छी गुणवत्ता के बीजों की उपलब्धता एवं उपयोग को बढ़ावा देना, दलहन का रकबा बढ़ाना तथा फसल कटाई उपरांत आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना शामिल है। उन्होंने कृषि विभाग के उप संचालक को निर्देश दिए कि सभी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से योजना से संबंधित विस्तार गतिविधियां प्रभावी रूप से संचालित कराई जाएं। किसानों को योजना की जानकारी देने के लिए आवश्यक कैम्प आयोजित किए जाएं तथा गतिविधियों की नियमित समीक्षा एवं अद्यतन जानकारी कलेक्टर को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने डेमोन्स्ट्रेशन से संबंधित आंकड़ों को भी व्यवस्थित एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए। कितने किसानों को फसल परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया है और कितने किसानों ने फसल परिवर्तन किया है, इसका स्पष्ट एवं प्रमाणित डाटा संधारित किया जाए।

कलेक्टर ने किट वितरण की भी समीक्षा की तथा कहा कि पूसा-16 जैसी अच्छी किस्मों के परिणामों को देखते हुए आगामी वर्ष के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज किट की उपलब्धता एवं वितरण की बेहतर कार्ययोजना अभी से तैयार की जाए। कलेक्टर ने कृषि वर्ष की रैंकिंग की भी विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को प्रमुख संकेतकों पर तेजी से कार्य करते हुए जिले की रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुपालन विभाग के उप संचालक को एआई वैक्सीनेशन कार्य में गति लाने, किसानों के केसीसी एवं सॉयल हेल्थ कार्ड की प्रगति बढ़ाने तथा उद्यानिकी विभाग को अपनी फ्लैगशिप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।  

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