राज्य कृषि समाचार (State News)

जैविक खेती का कमाल: सिर्फ 1 एकड़ में एप्पल और सब्जियों उगाकर कमाए 2 लाख रुपए, जानिए सफलता का राज  

27 जून 2026, रायपुर: जैविक खेती का कमाल: सिर्फ 1 एकड़ में एप्पल और सब्जियों उगाकर कमाए 2 लाख रुपए, जानिए सफलता का राज – छत्तीसगढ़ के नगर पंचायत मल्हार के प्रगतिशील किसान जदुनंदन वर्मा ने यह साबित कर दिया है कि यदि खेती में नवाचार और जैविक तकनीकों को अपनाया जाए तो कम जमीन से भी अच्छी आमदनी हासिल की जा सकती है। वे महज एक एकड़ में जैविक सब्जियों की खेती और आधा एकड़ में जैविक एप्पल का उत्पादन कर हर साल करीब 2 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है।

10 साल पहले लिया जैविक खेती अपनाने का फैसला

जदुनंदन वर्मा पिछले करीब 10 वर्षों से पूरी तरह जैविक खेती कर रहे हैं। उनका कहना है कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता कम होती है, पर्यावरण प्रदूषित होता है और मानव स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। इसी सोच के साथ उन्होंने जैविक खेती को अपनाया और आज इसका सकारात्मक परिणाम उन्हें मिल रहा है।

गोबर खाद, जीवामृत और वर्मी कम्पोस्ट से तैयार करते हैं फसल

अपनी खेती में वे गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत और अन्य जैविक संसाधनों का उपयोग करते हैं। इससे खेती की लागत में कमी आई है, मिट्टी की उर्वरता लगातार बढ़ी है और फसलों की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है। जैविक उत्पादन होने के कारण उनके उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है।

जैविक एप्पल की खेती बनी पहचान

करीब साढ़े तीन वर्ष पहले जदुनंदन वर्मा ने आधा एकड़ जमीन में जैविक एप्पल के पौधे लगाए थे। पिछले दो वर्षों से उन्हें एप्पल का उत्पादन मिल रहा है। उनके खेत में तैयार होने वाले जैविक एप्पल की मांग लगातार बढ़ रही है। स्थिति यह है कि ग्राहक खुद उनके खेत तक पहुंचकर फल खरीदकर ले जाते हैं। इससे उन्हें बाजार की तुलना में बेहतर कीमत मिल रही है और उपभोक्ताओं का जैविक उत्पादों पर भरोसा भी बढ़ा है।

कृषि विज्ञान केंद्र के प्रशिक्षण से मिली नई दिशा

जदुनंदन वर्मा बताते हैं कि उन्हें कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से काफी मदद मिली। यहां उन्हें जैविक खाद निर्माण, जैविक कीट एवं रोग प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी मिली, जिसे उन्होंने अपनी खेती में अपनाया। इसका सीधा लाभ उत्पादन और आय दोनों में देखने को मिला।

सरकारी योजनाओं का भी मिला लाभ

वे नियमित रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता खेती की लागत कम करने में सहायक साबित होती है और समय पर कृषि कार्य करने में सुविधा मिलती है।

दूसरे किसानों के लिए बने प्रेरणा

जदुनंदन वर्मा का मानना है कि जैविक खेती केवल किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण और लोगों को सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने का भी प्रभावी तरीका है।

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