राज्य कृषि समाचार (State News)

किसान कांग्रेस और भाकिसं ने किसानों के हित में ज्ञापन सौंपा

28 अप्रैल 2026, (उमेश खोड़े, कृषक जगत, पांढुर्ना)किसान कांग्रेस और भाकिसं ने किसानों के हित में ज्ञापन सौंपा – इन दिनों किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं  बेचने के लिए स्लॉट बुकिंग नहीं होने , ई -टोकन कार्य प्रणाली और सहकारी समिति से ऋण प्राप्त करने हेतु कागज़ी कार्रवाई बढ़ने जैसे कई कारणों से परेशान हैं।  इन्हीं बिंदुओं  पर गत दिनों  किसान  कांग्रेस और  भारतीय किसान संघ  द्वारा कलेक्टर और अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर  किसानों की समस्या का समाधान करने की मांग की गई।

 किसान  कांग्रेस ,पांढुर्ना ने कलेक्टर श्री नीरज वशिष्ठ को मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन  में किसानों की ऋण संबंधी जटिलताओं, खाद की किल्लत एवं आर्थिक समस्याओं के निराकरण की मांग की गई।  ज्ञापन में कहा गया कि सहक्रि समिति की ई -टोकन प्रणाली से किसानों को बहुत परेशानी हो रही है  इसके अलावा ऋण लेने के लिए कागजी प्रक्रिया को जटिल बना दिया है। जमानतदार की अनिवार्यता से भी पात्र किसान वंचित हो रहे हैं ,क्योंकि कोई भी किसान दूसरे की ज़मानत देने को तैयार नहीं है। ऋण की कार्रवाई समय पर पूरी नहीं हुई तो किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पाएगी। फसलों के दाम एमएसपी पर नहीं मिलने से  किसानों की आर्थिक स्थिति  अत्यंत  दयनीय  है अतः किसानों की क़र्ज़ माफी के साथ सरल खाद वितरण व्यवस्था करने के साथ ही ऋण प्रक्रिया को खाद से अलग रखने ,प्रक्रिया का सरलीकरण करने तथा किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने की मांग की गई। ज्ञापन देते समय  जिला अध्यक्ष श्री हरनाम सिंह सेंगर , श्री हुकुमचंद पराड़कर, डॉ नितिन ,गणेश भावे, श्रीमती शारदा धुमाल , शिवलाल कोरडे सहित  बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

 भारतीय किसान संघ जिला पांढुर्ना द्वारा गेहूं उपार्जन एवं अन्य 19  बिंदुओं पर मुख्यमंत्री को सम्बोधित  ज्ञापन अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री को सौंपा  गया। जिसमें सेटेलाइट की विफलता से फसलों के सत्यापन की विसंगति से किसानों के स्लॉट बुक नहीं होने की समस्या का जिक्र कर पटवारी के सत्यापन को अंतिम मान्यता देने की मांग की गई।  इसके अलावा 2 : 1  के अनुपात में किसानों के मिश्रित स्लॉट बुक करने की व्यवस्था शुरू करने , नरवाई जलाने  के नाम पर किसानों पर प्रकरण दर्ज़ कर जुर्माना लगाने का दमन बंद करने की भी मांग की गई। उमरिया जिले के किसानों के वन भूमि  अधिकार पट्टे  खसरों  में तृतीम नहीं होने से दर्ज़ आपराधिक प्रकरण रोकने ,जबलपुर , सागर , मऊगंज जिलों में उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़ाने , स्लॉट बुकिंग की साइट दिन में खोलने ,छतरपुर ,सतना आदि जिलों में तुलाई में एक किलो गेहूं अधिक लेने पर रोक लगाने ,टीकमगढ़ , सतना सहित अन्य सीमावर्ती जिलों के खरीदी केंद्रों पर उत्तरप्रदेश के व्यापारियों द्वारा लाए जा रहे अनाज को रोकने ,पांढुर्ना जिले में प्रति हेक्टर 17 -19  क्विंटल उपज मानक तय करने ,पांढुर्ना एवं नरसिंहपुर जिलों में सहकारी समितियों द्वारा ऋण के लिए अतिरिक्त जमानतदार लिए जा रहे हैं उसे बंद करने ,बालाघाट जिले रबी सीजन में उत्पादित धान की खरीदी एमएसपी पर करने ,मऊगंज  जिले में 50  % फार्मर आईडी नहीं बनने से किसानों  को  खाद  नहीं मिल पा रही है।  अतः फ़रमाएर आईडी बनाई जाए और संयुक्त खातों का परिमार्जन किया जाए। खरीफ के लिए उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता हो।  पांढुर्ना जिले की भूली जलाशय  से प्रभावित किसानों को मोरडोंगी गाइड लाइन के हिसाब से मुआवजा देने , पांढुर्ना के किसानों के बच्चों का साँसीपनि विद्यालय में प्रवेश दिलाने तथा गेहूं उपार्जन के लिए सर्वर नहीं चलने से जिन किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया  उन किसानों के गेहूं खरीदी की व्यवस्था करने की भी मांग की गई। ज्ञापन सौंपते समय भाकिसं के जिला मंत्री   श्री नीरज दुबे ,तहसील अध्यक्ष श्री प्रदीप खवसे , तहसील मंत्री श्री रविशंकर गोरे, श्री अरविन्द देशमुख , देवानंद पराड़कर , रामकली बाई उइके , रूपवन्ती , उर्मिला सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

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