Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

पानी उतरते ही होगा फसलों का सर्वे

आर.बी.सी. 6/4 एवं फसल बीमा दोनों का मिलेगा लाभ

01 सितंबर 2020, भोपाल। पानी उतरते ही होगा फसलों का सर्वे – मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान होशंगाबाद जिले के बाढ़ में टापू बने गांव बालाभेंट एवं सीहोर जिले के नसरूल्लागंज के ग्राम नीलकंठ में सेना के जवानों के साथ नाव में बैठकर पहुंचे। वे होशंगाबाद जिले के ग्राम सांगाखेड़ा एवं सीहोर जिले के अन्य ग्रामों में भी गए। इन ग्रामों में उन्होंने बाढ़ राहत कायों को देखा, बाढ़ पीडि़तों से बातचीत की तथा उन्हें आश्वस्त किया कि जब आपका मामा आपके साथ है, तो आपको चिंता किस बात की। किसी भी व्यक्ति की जान नहीं जाने देंगे तथा बाढ़ से हुए नुकसान का भरसक मुआवजा दिलवाएंगे।

महत्वपूर्ण खबर : धान को बचाएं शीथ ब्लाइट से

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पानी उतरते ही फसलों, मकान, सामान की हानि का सर्वे प्रारंभ किया जाएगा तथा आर.बी.सी. 6/4 के प्रावधानों के अंतर्गत भरपूर सहायता प्रदान किए जाने के साथ ही फसल बीमा का भी पूरा लाभ किसानों को दिलाया जाएगा। श्री चौहान ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि क्षति का आकलन शांति से तथा वैज्ञानिक तरीके से करें, जिससे पीडि़तों को पूरा-पूरा लाभ मिल सके। इसके लिए पंचनामे के आधार पर कार्रवाई की जाए।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

भोजन के पैकेट्स एवं पानी की बोतलें भेंट की

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रभावित गांवों के दौरे के दौरान बाढ़ पीडि़तों को अपने हाथों से भोजन के पैकेट्स एवं पानी की बोतलें वितरित कीं। उन्होंने सलाह दी कि गंदा पानी बिल्कुल न पिए। उन्होंने सरकारी अमले को निर्देशित किया कि प्रभावित लोगों को शुद्ध भोजन, शुद्ध पेयजल, दवाइयां व अन्य आवश्यक सामग्री प्रदाय सुनिश्चित किया जाए।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान रात्रि में सीहोर जिले के ग्राम अतरालिया, मंडी, सीलकंठ, तीगली तथा सातदेव पहुंचे। वहां ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘बाढ़ से लोगों की जान तो बच गई है, अब हमें जहान बचाना है।Ó उन्होंने बताया कि जिले के ग्राम शाहगंज से एयर लिफ्ट कर फंसे लोगों को बचाया गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पिछले वर्ष की फसल बीमा की कुल 4614 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान प्रदेश के किसानों को 6 सितम्बर को किया जाएगा।