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फसल की खेती (Crop Cultivation)राज्य कृषि समाचार (State News)

 छिंदवाड़ा के झिरलिंगा में होती है ग्रीष्मकालीन देशी कद्दू की खेती

10 जुलाई 2024, छिंदवाड़ा:  छिंदवाड़ा के झिरलिंगा में होती है ग्रीष्मकालीन देशी कद्दू की खेती – उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह एवं सहायक संचालक कृषि श्री धीरज ठाकुर ने बुधवार को ग्राम झिरलिंगा में ग्रीष्मकालीन देशी कद्दू की खेती का अवलोकन किया । जिले का यह एकमात्र ऐसा  गांव है जहाँ  हर किसान ग्रीष्मकालीन कद्दू लगाता है। इस ग्राम के किसान श्री नरेश ठाकुर, सरपंच, श्री इन्द्रसेन ठाकुर, श्री हरीश  ठाकुर, श्री रायसिंग ठाकुर, श्री बृजकुमार ठाकुर, श्री नेकराम साहू, श्री लक्ष्मण ठाकुर, श्री कैलाश ठाकुर, श्री कुबेर ठाकुर के साथ ही इस ग्राम के शत-प्रतिशत किसानों के द्वारा कद्दू फसल की खेती की जा रही है।  

उप संचालक कृषि श्री सिंह ने बताया कि ग्राम के लगभग 400 किसानों द्वारा लगभग 500 एकड़ में कददू फसल लगाई गई थी। प्रति एकड़ 10 टन उत्पादन के मान से कम से कम एक लाख रूपये प्रति  एकड़  का शुद्ध लाभ किसानों ने प्राप्त किया है। प्रति किलो 13-14 रूपये के मान से व्यापारी किसान के खेत से ही उठाकर ले जा रहे है। ग्रीष्मकालीन कद्दू की बोनी होली के बाद रामनवमी तक की जाती है। किसान बिना कीटनाशक दवा के देशी कद्दू के बीज स्वयं तैयार कर बोनी करते है, जिससे किसानों को लागत कम आती है एवं मुनाफा अधिक होता है।
 छिंदवाड़ा  जिले के लगभग 20-25 ग्रामों मे 2000 एकड़ में कद्दू की खेती की जा रही है।

उप संचालक कृषि से चर्चा के दौरान किसानों द्वारा बताया गया कि अधिकतम कददू का वजन लगभग 65 किलोग्राम एवं औसतन 20-25 किलोग्राम होता है। जिले में कद्दू का टर्नओवर लगभग 20 करोड़ रूपये हैं। यह कद्दू प्रदेश के साथ ही अन्य प्रदेश बिहार,  ओडिशा , उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना आदि प्रदेश में जा रहा है। निरीक्षण के दौरान उप संचालक कृषि श्री सिंह के साथ सहायक संचालक कृषि श्री ठाकुर एवं ग्राम के किसान उपस्थित थे।

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