गर्मियों में लगाएं कद्दू, करेला, लौकी
28 मार्च 2025, नई दिल्ली: गर्मियों में लगाएं कद्दू, करेला, लौकी – पोषकीय महत्व कद्दूवर्गीय सब्जियों को मानव आहार का एक अभिन्न अंग माना जाता है। इन्हें बेल वाली सब्जियों के नाम से भी जाना जाता है जैसे – लौकी,
28 मार्च 2025, नई दिल्ली: गर्मियों में लगाएं कद्दू, करेला, लौकी – पोषकीय महत्व कद्दूवर्गीय सब्जियों को मानव आहार का एक अभिन्न अंग माना जाता है। इन्हें बेल वाली सब्जियों के नाम से भी जाना जाता है जैसे – लौकी,
15 फ़रवरी 2025, सीहोर: ग्रीष्मकालीन कद्दू वर्गीय सब्जियों की पौध की तैयारी व बुवाई के लिए उपयुक्त समय – ग्रीष्मकालीन सब्जियों लौकी, कद्दू, करेला, तोरई, खीरा, टिण्डा की बुवाई का उपयुक्त समय है। बुवाई मध्य फरवरी से मध्य मार्च तक
13 अगस्त 2024, भोपाल: कद्दू वर्गीय सब्जियों की खेती: अधिक उपज के लिए ये सुझाव अपनाएं – खरीफ का मौसम कद्दू वर्गीय सब्जियों जैसे करेला, खीरा, तोरी, लौकी आदि की खेती के लिए सबसे उपयुक्त होता है। ये सब्जियां न सिर्फ हमारे स्वास्थ्य
10 जुलाई 2024, छिंदवाड़ा: छिंदवाड़ा के झिरलिंगा में होती है ग्रीष्मकालीन देशी कद्दू की खेती – उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह एवं सहायक संचालक कृषि श्री धीरज ठाकुर ने बुधवार को ग्राम झिरलिंगा में ग्रीष्मकालीन देशी कद्दू की
लेखक- लवेश कुमार चौरसिया, उद्यानिकी वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर, नर्मदापुरम 09 जुलाई 2024, भोपाल: कद्दूवर्गीय सब्जियों की उन्नत खेती – कद्दूवर्गीय सब्जियाँ वर्षा तथा गर्मी के मौसम की महत्वपूर्ण फसलें हैं। पोषण की दृष्टि से भी ये बहुत ही
समाधान- जायद की फसलों में कद्दू का क्षेत्र बहुत रहता है। अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है। यदि निम्न उपाय करें। फसल में निंदाई-गुड़ाई करके खरपतवार निकालते रहें। कद्दू में नर पुष्पों की मात्रा मादा पुष्पों की तुलना में अधिक
– पन्नालाल यादव, वनखेड़ी समाधान– जायद की फसलों में कद्दू का क्षेत्र बहुत रहता है। अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है। यदि निम्न उपाय करें। फसल में निंदाई-गुड़ाई करके खरपतवार निकालते रहें। कद्दू में नर पुष्पों की मात्रा मादा पुष्पों
– सुरेश चौरे, ग्यारसपुर समाधान- चप्पन कद्दू की कास्त अभी की जा सकती है। जरूरत केवल इतनी है कि इसके बीज की बुआई करने में पॉलीथिन में मिट्टी खाद डालकर करें अंकुरण उपरांत मुख्य खेत में रोपें ताकि सतत गिरते
डॉ. संदीप शर्मा मो. : 9803133157 email : sharma.sandeep1410@gmail.com मध्यप्रदेश में नर्मदा ताप्ती, तवा, गंजाल आदि नदियों के तटों पर खीरा, ककड़ी, टिण्डा, खरबूज, तरबूज, लौकी आदि फसलें विस्तृत क्षेत्र में उत्पादित की जाती हैं। क्षेत्र में इन फसलों की