Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

धार जिले में रबी फसल चिया सीड के विस्तार पर विशेष जोर

15 जुलाई 2026, धार: धार जिले में रबी फसल चिया सीड के विस्तार पर विशेष जोर – कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना के निर्देशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक चौधरी की अध्यक्षता में कृषक कल्याण वर्ष-खरीफ 2026 के अंतर्गत कृषि विभाग एवं आत्मा योजना के मैदानी अमले की प्रशिक्षण-सह-समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी, कृषि विस्तार अधिकारी तथा आत्मा योजना के एटीएम एवं बीटीएम उपस्थित रहे।

बैठक में उप संचालक कृषि श्री विजय चौरसिया ने आगामी रबी सीजन में चिया सीड की खेती के विस्तार को लेकर विभागीय रणनीति एवं लक्ष्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में कृषि एवं आत्मा के मैदानी अमले के माध्यम से 7,500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में चिया सीड की बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक चौधरी ने कहा कि जिले में गेहूं के कुल रकबे के लगभग एक प्रतिशत क्षेत्र में चिया सीड की बोनी कर उसके तुलनात्मक परिणामों का अध्ययन किया जाएगा। इससे किसानों को वैकल्पिक एवं लाभकारी फसल अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा तथा उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी।बैठक में बताया गया कि चिया सीड कम पानी, कम उर्वरक एवं कम कीटनाशक वाली फसल है। इसकी बीज दर मात्र 1.5 से 2 किलोग्राम प्रति एकड़ है। अमीनो एसिड एवं पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण यह स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी है। व्यवसायिक स्तर पर इसकी खेती करने पर किसानों को मंडियों में लगभग 18 हजार से 20 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक का मूल्य प्राप्त हो सकता है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

बैठक में कपास उत्पादकता मिशन के अंतर्गत एचडीपीएस, क्लोज स्पेसिंग कपास, एकीकृत फसल प्रबंधन तथा अतिरिक्त लंबे रेशे वाली कपास की खेती को बढ़ावा देने संबंधी विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।कृषि वैज्ञानिक धार डॉ. संदीप चौहान ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती की तकनीकों की जानकारी दी। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र मनावर के वैज्ञानिक डॉ. डी.के. सूर्यवंशी ने सोयाबीन में एकीकृत कीट प्रबंधन के संबंध में तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

बैठक के दौरान समस्त मैदानी अमले को एग्रीस्टेक, ई-विकास प्रणाली, कृषि मैपर पोर्टल (पॉलीगॉन) तथा एमपी कृषि ऐप पर पंजीयन सहित विभिन्न ऑनलाइन प्रणालियों का प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि किसानों को तकनीक आधारित सेवाएं प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जा सके।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global