राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारत में जून में 33% वर्षा की कमी दर्ज, एल नीनो के बीच जुलाई में मानसून की स्थिति सुधरी

15 जुलाई 2026, नई दिल्ली: भारत में जून में 33% वर्षा की कमी दर्ज, एल नीनो के बीच जुलाई में मानसून की स्थिति सुधरी – भारत में जून माह के दौरान सामान्य से 33% कम वर्षा दर्ज की गई, जिससे कई राज्यों में खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई। हालांकि जुलाई के शुरुआती दिनों में वर्षा में सुधार होने से देश का कुल मानसूनी वर्षा घाटा घटकर 24% रह गया है। यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने दी।

उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि हाल के दिनों में हुई अच्छी वर्षा के कारण वर्षा की कमी वाले जिलों की संख्या 262 से घटकर 178 रह गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जुलाई के दौरान मानसून और सक्रिय होगा, जिससे खरीफ बुवाई में तेजी आएगी।

केंद्र सरकार महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की स्थिति पर विशेष नजर बनाए हुए है, क्योंकि इन राज्यों में वर्षा की स्थिति खरीफ फसलों की स्थापना के लिए महत्वपूर्ण है।

पिछले वर्ष से पीछे है खरीफ बुवाई

13 जुलाई तक कृषि मंत्रालय के अनुसार देश में 531.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हुई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 101.44 लाख हेक्टेयर कम है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के देर से पहुंचने का सबसे अधिक असर सोयाबीन और कपास की बुवाई पर पड़ा है।

वर्षा में देरी के प्रभाव को कम करने के लिए सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार मक्का, बाजरा और मूंग जैसी कम अवधि और कम पानी वाली फसलों की खेती करने की सलाह दी है।

मानसून से पहले तैयार की गई आकस्मिक योजनाएं

केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि संभावित कमजोर मानसून को देखते हुए सरकार ने अप्रैल से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। कृषि मंत्रालय ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के सहयोग से जिला स्तर की आकस्मिक योजनाएं तैयार कर राज्यों के साथ साझा की थीं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कदम उठाए जा सकें।

जून के दौरान चलाए गए ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत देशभर में 1.24 लाख से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 80 लाख से अधिक किसानों तक पहुंच बनाई गई।

बीज भंडार और ऋण सहायता पर जोर

देरी से होने वाली बुवाई के बावजूद किसानों को बीज की कमी न हो, इसके लिए सरकार ने लगभग 1.75 लाख क्विंटल का राष्ट्रीय बीज भंडार सुरक्षित रखा है।

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) अभियान को भी तेज किया गया है। 30 जून तक प्राप्त 1.14 लाख आवेदनों में से 94,000 से अधिक को स्वीकृति दी जा चुकी है।

इसके अलावा किसानों को मौसम से होने वाले नुकसान से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।

एल नीनो पर लगातार निगरानी

मानसून के शेष मौसम में एल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है। एल नीनो मॉनिटरिंग सेल, क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप, राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष तथा नामित अधिकारी लगातार वर्षा, खरीफ बुवाई की प्रगति, फसलों की स्थिति और कृषि बाजारों पर नजर रख रहे हैं।

सरकार का कहना है कि मानसून की बदलती परिस्थितियों की लगातार समीक्षा की जा रही है और खरीफ सीजन के दौरान किसानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए समय पर सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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