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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

किसान ट्रस्ट ने आयोजित किया चौधरी चरण सिंह किसान सम्मान समारोह

22 दिसंबर 2025, नई दिल्ली: किसान ट्रस्ट ने आयोजित किया चौधरी चरण सिंह किसान सम्मान समारोह –  किसान ट्रस्ट द्वारा नई दिल्ली में चौधरी चरण सिंह किसान सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने एक पुस्तक का विमोचन किया और कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रगतिशील किसानों एवं संस्थानों को सम्मानित किया। शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

समारोह के दौरान प्रगतिशील किसान सत्यवान सेहरावत को सम्मानित किया गया। कृषि उन्नयन श्रेणी के अंतर्गत कृषि रत्न पुरस्कार वर्ष 2025 भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के उप महानिदेशक डॉ. देवेंद्र कुमार यादव को प्रदान किया गया। कृषि उद्यमिता श्रेणी में फ्रुवाटेक निजी लिमिटेड को सम्मान मिला, जबकि किसान ट्रस्ट सेवा रत्न पुरस्कार प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन को दिया गया। किसान ट्रस्ट कलम रत्न पुरस्कार हरवीर सिंह को प्रदान किया गया।

अपने संबोधन में केंद्रीय कृषि मंत्री ने चौधरी चरण सिंह को सत्य, सादगी और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने अपने संपूर्ण जीवन में गांव, गरीब और किसानों के उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका यह विचार कि भारत की समृद्धि का मार्ग किसानों के खेतों से होकर जाता है, आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

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केंद्रीय मंत्री ने स्वतंत्रता आंदोलन में चौधरी चरण सिंह की भूमिका का स्मरण करते हुए बताया कि वे महात्मा गांधी से प्रेरित होकर नमक सत्याग्रह में शामिल हुए और देश की आज़ादी के लिए संघर्ष करते हुए जेल भी गए। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने अन्याय के विरुद्ध निर्भीक होकर आवाज़ उठाई और जमींदारी प्रथा के उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने खाद्यान्न भंडारण को गरीबों के कल्याण से जोड़ने का दूरदर्शी प्रयास किया। ‘काम के बदले अनाज’ की अवधारणा के माध्यम से उन्होंने गरीब परिवारों के लिए सम्मानजनक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस पहल की।

केंद्रीय मंत्री ने हाल ही में पारित विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण का उल्लेख करते हुए कहा कि इस कानून के तहत गारंटीशुदा रोजगार को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत आवंटित संसाधनों का उपयोग केवल अस्थायी कार्यों तक सीमित न रहकर गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए किया जाना चाहिए। नए प्रावधानों के अनुसार, प्रत्येक गांव अपनी आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों की सूची तैयार करेगा, जिनमें विद्यालय, सड़क, नालियां, पुलिया और खेतों तक पहुंच मार्ग शामिल होंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि कानून के अंतर्गत पंचायतों को उनकी विकास और रोजगार आवश्यकताओं के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा और उसी अनुसार निधियों का आवंटन होगा। बुवाई, कटाई और अन्य कृषि कार्यों में लगे श्रमिकों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया गया है, जिससे किसानों और श्रमिकों के हितों में संतुलन स्थापित किया जा सके।

केंद्रीय मंत्री ने वैज्ञानिकों और किसानों के बीच प्रत्यक्ष संवाद पर जोर देते हुए प्रयोगशाला से खेत तक की सोच को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों को नियमित रूप से खेतों का दौरा कर किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझना चाहिए और शोध कार्यों को उन्हीं आवश्यकताओं के अनुरूप दिशा देनी चाहिए।

नकली उर्वरकों, कीटनाशकों और भ्रामक नामों से बिक रहे अनधिकृत जैव उत्पादों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आगामी संसद सत्र में नया विधेयक लाएगी। इसके माध्यम से सख्त कानून बनाए जाएंगे और दोषी व्यापारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

समारोह के अंत में केंद्रीय मंत्री ने किसान ट्रस्ट से आगामी बजट, कृषि क्षेत्र की दीर्घकालीन योजनाओं और प्रस्तावित चिंतन शिविर के लिए सुझाव देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह के सिद्धांतों से प्रेरणा लेकर किसान कल्याण और ग्रामीण विकास की दिशा में निरंतर कार्य किया जाता रहेगा।

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