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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

सरकार ने कच्चे खाद्य तेल पर आयात शुल्क घटाया – किसानों और घरेलू तेल उद्योग को मिलेगा लाभ

03 जून 2025, नई दिल्ली: सरकार ने कच्चे खाद्य तेल पर आयात शुल्क घटाया – किसानों और घरेलू तेल उद्योग को मिलेगा लाभ – केंद्र सरकार ने कच्चे खाद्य तेल (Crude Edible Oil) पर बेसिक आयात शुल्क को 20% से घटाकर 10% कर दिया है, जबकि रिफाइंड तेल पर कुल शुल्क 35.25% पर यथावत रखा गया है। यह फैसला घरेलू तेल उद्योग को मज़बूती देने और किसानों को उचित मूल्य दिलाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IVPA) ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे भारत में रिफाइनिंग की क्षमता को बढ़ावा मिलेगा और “मेक इन इंडिया” को मजबूती मिलेगी।

IVPA अध्यक्ष सुधाकर देसाई ने कहा, “यह फैसला घरेलू तेल उद्योग को विदेशी रिफाइंड तेल की बाढ़ से बचाएगा और किसानों को उनके तिलहन फसलों का बेहतर दाम दिलाएगा। इससे उपभोक्ताओं को भी तेल की कीमतें संतुलित रखने में मदद मिलेगी।”

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IVPA के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में रिफाइंड पाम तेल का आयात काफी बढ़ गया था। जून से सितंबर 2024 के बीच भारत ने 4.58 लाख मीट्रिक टन रिफाइंड तेल आयात किया था, जो अक्टूबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच बढ़कर 8.24 लाख मीट्रिक टन हो गया। यह कुल पाम तेल आयात का लगभग 30% था।

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यह तेजी से बढ़ा हुआ आयात पड़ोसी देशों से SAFTA समझौते के तहत शून्य शुल्क पर हो रहा था, जिससे भारत के घरेलू रिफाइनर और किसान दोनों पर दबाव बढ़ रहा था।

सरकार के इस नए फैसले से घरेलू रिफाइनिंग को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे किसानों की तिलहन फसल की मांग बढ़ेगी और उन्हें बेहतर दाम मिल सकेंगे। साथ ही उपभोक्ताओं को भी गुणवत्ता वाला तेल उचित कीमत पर मिलेगा।

यह कदम खेती-किसानी से जुड़े लोगों के लिए राहत भरा है, क्योंकि इससे देश में उत्पादन और प्रोसेसिंग दोनों को मजबूती मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

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