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राज्य कृषि समाचार (State News)

गेहूं की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाए- महावीरा जिरोन पावर प्लस

07 नवंबर 2026, इंदौर: गेहूं की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाए- महावीरा जिरोन पावर प्लस – रबी फसलों में गेहूं की फसल बड़े रकबे में बोई जाती है । क्षेत्र में अल्प वर्षा की स्थिति में भी  गेहूं की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने में  देश की  प्रतिष्ठित उर्वरक कम्पनी आर. एम. फॉस्फेट्स एंड केमिकल्स प्रा .लि .(आर एम पी सी एल )  का   लोकप्रिय उत्पाद महावीरा जिरोन पावर प्लस अच्छा  विकल्प  है ।  इसके  इस्तेमाल से  किसान न केवल गेहूं  का उत्पादन बढ़ा सकते हैं, बल्कि  गुणवत्तापूर्ण गेहूं उपज  की बाज़ार में  अच्छी कीमत भी मिलती  है ।

गुणों से भरपूर महावीरा जिरोन पावर प्लस  – आरएमपीसीएल कम्पनी के सीनियर जीएम ( हेड एग्रोनॉमिस्ट ) श्री प्रमोद कुमार पाण्डेय ने महावीरा जिरोन पावर प्लस के गुणों की चर्चा करते हुए  कृषक जगत को बताया कि महावीरा जिरोन पावर प्लस में छः पोषक तत्व  कैल्शियम, फास्फोरस , सल्फर , ज़िंक , मैग्नीशियम और बोरोन होते हैं, जो गेहूं फसल को पर्याप्त पोषण देते हैं ।  बुवाई के समय मात्र ढाई बैग अर्थात 125  किलोग्राम  महावीरा जिरोन पावर प्लस का उपयोग करके  गेहूं का बढ़िया उत्पादन लिया जा सकता है।  बुवाई से पूर्व  बीजोपचार अवश्य करना चाहिए ।  बीजोपचार के लिए  ढाई ग्राम  कार्बेनडाज़िम अथवा मेन्कोजेब प्रति किलो बीज की दर से उपचारित करना चाहिए । महावीरा जिरोन पावर प्लस के इस्तेमाल से उत्पादित  गेहूं  पोषण से भरपूर होने एवं उसकी गुणवत्ता  बेहतरीन  होने से बाज़ार में उसका दाम भी सर्वाधिक मिलता है ।

महावीरा जिरोन  में उपलब्ध  छः पोषक तत्वों के कार्य –

कैल्शियम (19 %) – जड़ों के विकास , पौधों की  आंतरिक रचना एवं कोशिकाओं का मुख्य तत्व है, पौधों को मज़बूती प्रदान करता है ।
फास्फोरस – ( 16 % ) – जड़ों की वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है और फल में  नाइट्रोजन स्थिर करने में सहायक होता है ।
सल्फर ( 11  %) – मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के अलावा यह पौधों में कीटनाशक और  टॉनिक के रूप में कार्य करता है , जिससे पौधे  स्वस्थ रहते हैं ।
ज़िंक (0.5 %) -पौधों में नए अंगों के निर्माण के अलावा पोटेशियम और कैल्शियम के अनुपात को नियंत्रित कर फूलों एवं फलों को गिरने से    रोकने में  सहायता  करता है ।
मैग्नीशियम (0.5 % ) – पौधों को हरा भरा एवं स्वस्थ रखने में सहायक होता है।
बोरोन(0.2 % ) – यह  गेहूं  फसल में फूल और फल लगने की प्रकिया को तेज़ करता है ।

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बुवाई का समय और उर्वरक की मात्रा –  गेहूं  की बुवाई 20 अक्टूबर से 15 नवंबर तक की जानी चाहिए । बुवाई के समय महावीरा जिरोन पावर प्लस का उपयोग ढाई बैग अर्थात 125  किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से करना चाहिए । बताए गए तरीके से महावीरा जिरोन पावर प्लस का उपयोग करने से गुणवत्तापूर्ण गेहूं का 10 -12 क्विंटल / एकड़ उत्पादन प्राप्त किया जा सकता  है ।

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