सिंगरौली: अब ई-विकास प्रणाली 2.0 से किसानों को मिलेगा उर्वरक
23 अगस्त 2026, सिंगरौली: सिंगरौली: अब ई-विकास प्रणाली 2.0 से किसानों को मिलेगा उर्वरक – उपसंचालक कृषि द्वारा अवगत कराया गया है कि किसानों को उर्वरक वितरण की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिले में ई-विकास प्रणाली 2.0 लागू की गई है। इस प्रणाली के माध्यम से 20 अगस्त 2026 से किसानों को टोकन बुक करने के बाद ही उर्वरक का वितरण किया जाएगा।
किसान भाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार टोकन बुक कर उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। ई-विकास प्रणाली 2.0 के अंतर्गत किसान अपनी आवश्यकता एवं इच्छा अनुसार किसी भी एक उर्वरक का क्रय कर सकेंगे। उर्वरक क्रय के लिए पूर्व की तरह किसी विशेष उर्वरक को लेने की बाध्यता नहीं होगी। किसान आईसीएआर की फसलवार अनुशंसा के अनुसार अथवा आवश्यकता के अनुरूप उससे अधिक मात्रा में भी प्रथम बार में उर्वरक क्रय कर सकेंगे। आवश्यकता होने पर अतिरिक्त उर्वरक भी प्राप्त किया जा सकेगा।
उप संचालक कृषि ने बताया कि नई प्रणाली में उर्वरक की गणना प्रति हेक्टेयर बैग के आधार पर की गई है। पोर्टल पर आईसीएआर की फसलवार अनुशंसा के अनुसार विभिन्न उर्वरक समूहों की जानकारी भी प्रदर्शित की जा रही है। इससे किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार पसंदीदा उर्वरक समूह का चयन कर सकेंगे। इसके साथ ही मार्कफेड के डबल लॉक केन्द्रों में आवश्यकता के अनुसार अधिकतम मात्रा में उर्वरक का भंडारण सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए ऑटोमेटेड व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में सुविधा होगी। उप संचालक कृषि ने बताया कि ने जिले के किसानों से अपील की है कि 20 अगस्त 2026 से उर्वरक प्राप्त करने के लिए टोकन बुक करना अनिवार्य है। किसान ई-विकास प्रणाली 2.0 के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए ही उर्वरक प्राप्त करें।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

