PM धन-धान्य कृषि योजना में सीधी ने मारी बाजी, देश के 100 जिलों में हासिल किया 7वां स्थान
22 जून 2026, भोपाल: PM धन-धान्य कृषि योजना में सीधी ने मारी बाजी, देश के 100 जिलों में हासिल किया 7वां स्थान – प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएमडीडीकेवाई) के तहत सीधी जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। योजना के विभिन्न मापदंडों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले ने देश के 100 चयनित जिलों में सातवां स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि की समीक्षा के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी आईएएस किरण गोपाल की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में जिले के कृषि विकास कार्यों, नवाचारों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कलेक्टर विकास मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। विभागीय अधिकारियों द्वारा कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, प्राकृतिक खेती, महिला सशक्तिकरण, मूल्य संवर्धन और ग्रामीण उद्यमिता से जुड़े कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया। समीक्षा के दौरान सामने आया कि सीधी जिला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में देश के अग्रणी जिलों में शामिल हो गया है।
नोडल अधिकारी आईएएस किरण गोपाल ने जिले की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अभियान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग लक्ष्य आधारित और परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली अपनाएं ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचे और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने पर जोर
कलेक्टर विकास मिश्रा ने बताया कि जिले में कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई जा रही है। महिला किसानों को खेती, पशुपालन, प्रसंस्करण और विपणन गतिविधियों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही कृषि और पशुपालन के एकीकृत मॉडल को बढ़ावा देकर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मिल्क रूट विकास योजना से बढ़ेगी आय
कलेक्टर ने बताया कि जिले में दुग्ध उत्पादन को नई दिशा देने के लिए मिल्क रूट विकास योजना पर काम किया जा रहा है। इससे दुग्ध उत्पादकों को बेहतर संग्रहण, परिवहन और विपणन की सुविधा मिलेगी तथा उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही प्रगतिशील किसानों की पहचान कर उनके अनुभवों को साझा करने के लिए किसान सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
कटहल और महुआ के प्रसंस्करण पर फोकस
बैठक में मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और प्रोसेसिंग को लेकर भी चर्चा हुई। जिला प्रशासन द्वारा कटहल, महुआ और अन्य स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण की कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित हों।
प्राकृतिक खेती और ‘लखपति दीदी’ अभियान पर जोर
समीक्षा बैठक में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक लागत कम करने और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। वहीं स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को कृषि आधारित सूक्ष्म उद्यमों से जोड़कर ‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में भी समन्वित प्रयासों की जानकारी दी गई।
1.7 करोड़ किसानों को मिलेगा लाभ
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत छह वर्षों में प्रतिवर्ष 24 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान किया गया है। योजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना, सिंचाई एवं भंडारण क्षमता का विस्तार करना तथा कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना है। इस महत्वाकांक्षी योजना से देशभर के लगभग 1.7 करोड़ किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।
बैठक में विश्वास जताया गया कि जिला प्रशासन के नवाचारपूर्ण प्रयासों और कृषि सुधारों के माध्यम से सीधी जिला आने वाले समय में कृषि विकास, महिला सशक्तिकरण और किसान समृद्धि का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरेगा।
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