राज्य कृषि समाचार (State News)

शिवपुरी : कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को दी जरूरी सलाह

23 जुलाई 2026, शिवपुरीशिवपुरी : कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को दी जरूरी सलाह – इस साल एल नीनो के असर से जिले में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। 21 जुलाई तक जिले में केवल 182.32 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो औसत बारिश का सिर्फ 22.34 प्रतिशत है। ऐसे में खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान न हो, इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र शिवपुरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. पुनीत कुमार और वरिष्ठ वैज्ञानिक (सस्य) डॉ. एम.के. भार्गव ने किसानों को जरूरी तकनीकी सलाह दी है।

कम बारिश में करें सिंचाई – जिन खेतों में फसलें बोई जा चुकी हैं, वहां कम बारिश की वजह से फसल की बढ़वार रुक सकती है। किसान भाई रेनगन या स्प्रिंकलर से सिंचाई करें। टमाटर और मिर्च की फसल में ड्रिप पद्धति से पानी दें। इससे कम पानी में भी फसल ठीक से बढ़ेगी।खाली खेतों में अभी भी बुवाई संभवजिन किसानों के खेत अभी खाली हैं, वे जुलाई के अंत तक उड़द, मूंग, तिल और बाजरा की बुवाई कर सकते हैं।

खरपतवार हटाएं, नमी बचाएं – सोयाबीन, मूंगफली, उड़द, मूंग और मक्का की फसल में निराई-गुड़ाई जरूर करें। फसल के अवशेषों को खेत में बिछा दें जिससे जमीन की नमी बनी रहे। खरपतवार नाशक दवाओं का छिड़काव तभी करें जब खेत में पर्याप्त नमी हो, वरना दवा का असर नहीं होगा। ध्यान रखें कि खरपतवार नाशक और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव एक साथ न करें, दोनों अलग-अलग करें।

सोयाबीन में चक्रभ्रंग कीट से रहें सावधान – सोयाबीन में चक्रभ्रंग (गर्डल बीटल) कीट शाखाओं पर घेरा बनाकर फसल को नुकसान पहुंचाता है। इससे बचाव के लिए थायोक्लोप्रिड 21.7 प्रतिशत एस.सी. दवा 750 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर को 500 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।पीला मोजेक रोग से बचाएं दलहनी फसलेंउड़द, मूंग, मूंगफली और सोयाबीन में पीले पत्तों वाला पीतशिरा (पीला मोजेक) रोग लग सकता है। इसकी रोकथाम के लिए डाईमिथोएट 30 ई.सी. दवा 1.5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।

मक्का में फालआर्मी वर्म कीट का रखें ध्यान – मक्का की फसल में फालआर्मीवर्म कीट तेजी से पत्तियों को नुकसान पहुंचाता है और पत्तियों पर गंदगी छोड़ देता है। इसके नियंत्रण के लिए इमामेक्टिन बेंजोएट दवा 0.5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी या क्लोरएंट्राप्रिनिलोप्रोल 0.4 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।किसान भाई किसी भी समस्या के लिए अपने क्षेत्र के कृषि अधिकारी या कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों से सीधे संपर्क कर सकते हैं।

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