राजस्थान में बीज पंजीकरण हुआ हाईटेक, अगस्त से शुरू होगी ब्लॉकचेन आधारित ऑनलाइन व्यवस्था
16 जुलाई 2026, जयपुर: राजस्थान में बीज पंजीकरण हुआ हाईटेक, अगस्त से शुरू होगी ब्लॉकचेन आधारित ऑनलाइन व्यवस्था – राजस्थान में अब ब्लाक चैन पावर से बीज कंपनियों का ऑनलाइन कॉन्टैक्टलेस व फेसलेस पंजीयन शुरू हो रहा है। इसमें विभाग बीज किस्मों के पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया को ही अब ऑनलाइन कर रहा है इस हेतु सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग व आईआईटी, कानपुर के आईटी विशेषज्ञों की टीम राज किसान साथी टीम के साथ मिलकर काम कर रही है।
अब नई बीज किस्मों के विकास की पूरी प्रक्रिया को ब्लॉक चैन पावर सॉफ्टवेयर आधारित ऑनलाइन कॉन्टैक्टलेस व फेसलेस बनाया जा रहा है, जिससे निर्धारित प्रक्रिया की पूर्ण पालना कर कंपनी प्रतिनिधि कृषि विभाग में बिना व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए नई विकसित की गई बीज किस्मों का पंजीकरण कराएं जिससे विभाग के समय व श्रम की बचत होगी। ऑनलाईन प्रक्रिया कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन कार्यरत केंद्रीय बीज कमेटी / राज्य बीज सब कमेटी की परिचालन मार्गदर्शिका के अनुरूप समस्त मानकों को अपनाते हुए की जाने के कारण बीज कंपनियों द्वारा उन्नत बीज किस्मों का विकास व राज्य में पंजीकरण भी आसान होगा। अधिक उपज देने वाली बीज किस्में राज्य के किसानों को आसानी से उपलब्ध होगी।
इसी क्रम में बुधवार को कृषि आयुक्तालय में एक दिवसीय बीज किस्म पंजीकरण आमुखीकरण कार्यशाला रखी गई। इसमें कृषि विभाग द्वारा तैयार किये जा रहे नये ब्लॉक चैन पावर आधारित ऑनलाइन कॉन्टैक्टलेस व फेसलेस बीज किस्म पंजीयन मॉड्यूल का नेशनल सीड एसोसिएशन ऑफ इंडिया, राजस्थान राज्य प्रमाणित बीज उत्पादक एसोसिएशन-श्रीगंगानगर, राजस्थान एग्रीकल्चर इनपुट डीलर्स एसोसिएशन, जयपुर व हाड़ोती बीज उत्पादक एसोसिएशन कोटा, राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों, काजरी जोधपुर, बीज प्रमाणीकरण संस्था, बीज निगम, बीज प्रयोगशालाओं, उद्यान विभाग, विभिन्न मल्टी नेशनल व राज्य स्तरीय कंपनियों तथा विभागीय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें 117 बीज विशेषज्ञों व प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मॉड्यूल की सभी बीज संगठनों व विशेषज्ञों ने सराहना की। यह नया मॉड्यूल अगस्त माह से शुरू करना प्रस्तावित है।
नये मॉड्यूल के लागू होने से उन्नत बीज सरकारी अनुसंधान फॉर्मों व केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा पंजीकृत बीज अनुसंधान एवं विकास फार्मों पर बीज विशेषज्ञों व वैज्ञानिक की देखरेख में तैयार होगा। तैयार की गई उन्नत बीज किस्मों को राज्य के लिए अनुशंसित एवं नोटिफाई करवाने हेतु राज्य स्तरीय बीज सब कमेटी द्वारा केन्द्रीय बीज कमेटी को अनुशंसा भेजी जाकर अधिक नई बीज किस्मों को राज्य के लिए गजट नोटिफाईड कराया जायेगा। इससे राज्य के किसानों को अधिक उपज देने वाली उन्नत किस्मों का बीज समय पर उचित दर पर प्राप्त होगा।
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