मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन का दूसरा चरण शुरू, किसानों को 10 करोड़ से ज्यादा भुगतान
16 अप्रैल 2026, भोपाल: मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन का दूसरा चरण शुरू, किसानों को 10 करोड़ से ज्यादा भुगतान – मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रक्रिया के तहत दूसरे चरण की शुरुआत आज से शेष बचे संभागों में कर दी गई है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत गेहूं उपार्जन कार्य को और अधिक तेज कर दिया है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि अब तक 28 हजार 199 किसानों से 12 लाख 52 हजार 470 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। सरकार द्वारा किसानों को तेजी से भुगतान किया जा रहा है। अब तक किसानों के खातों में 10 करोड़ 23 लाख रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं। इससे किसानों को समय पर अपनी उपज का लाभ मिल रहा है।
लाखों किसानों ने बुक किए स्लॉट
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 2 लाख 35 हजार 177 किसानों ने लगभग 1 करोड़ 3 लाख 90 हजार 280 क्विंटल गेहूं बिक्री के लिए स्लॉट बुक कर लिए हैं। इस वर्ष खरीदी प्रक्रिया को लेकर किसानों में अच्छी सक्रियता देखने को मिल रही है।
प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए कुल 3171 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में 9 अप्रैल से खरीदी शुरू हो चुकी थी, जबकि अन्य संभागों में 15 अप्रैल से प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।
किसानों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध
खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, तौल कांटे, बारदाना, सिलाई मशीन, कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही गुणवत्ता परीक्षण और साफ-सफाई की भी उचित व्यवस्था की गई है।
इस वर्ष सरकार 2585 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य के साथ 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे रही है, जिससे कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदी की जा रही है।
रिकॉर्ड पंजीयन और लक्ष्य
इस बार प्रदेश में रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। सरकार ने इस वर्ष 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। पिछले वर्ष लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था।
अब तक 7 लाख 69 हजार 720 क्विंटल गेहूं का परिवहन किया जा चुका है। सरकार ने खरीदे गए गेहूं के सुरक्षित भंडारण और परिवहन की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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