राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भाकृअनुप-डीओजीआर पुणे ने लॉन्च किया SSR डेटाबेस, प्याज उत्पादन और रिसर्च को मिलेगा फायदा  

15 अप्रैल 2026, नई दिल्ली: भाकृअनुप-डीओजीआर पुणे ने लॉन्च किया SSR डेटाबेस, प्याज उत्पादन और रिसर्च को मिलेगा फायदा – भाकृअनुप–प्याज एवं लहसुन अनुसंधान निदेशालय (भाकृअनुप-डीओजीआर), पुणे ने प्याज अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए SSR डेटाबेस का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सफलतापूर्वक शुभारंभ किया है। यह डेटाबेस प्याज की आनुवंशिकी और प्रजनन कार्यों को सरल और अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा।

इस डेटाबेस का उद्घाटन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के उप-महानिदेशक (उद्यानिकी विज्ञान) डॉ. एस.के. सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि उच्च उत्पादक, रोग-प्रतिरोधी और जलवायु-अनुकूल प्याज किस्मों के विकास के लिए आधुनिक आणविक तकनीकों को पारंपरिक प्रजनन से जोड़ना जरूरी है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. सुधाकर पांडे भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस डेटाबेस को भविष्य के प्रजनन कार्यक्रमों के लिए उपयोगी बताते हुए चयन प्रक्रिया को अधिक सटीक बनाने में इसकी भूमिका पर जोर दिया।

आधुनिक रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा

डीओजीआर निदेशक डॉ. विजय महाजन ने स्वागत भाषण में कहा कि ऐसे डिजिटल संसाधन उद्यानिकी अनुसंधान को नई दिशा देते हैं। डेटाबेस के प्रमुख डेवलपर ने बताया कि इसमें क्रोमोसोम-वार SSR जानकारी, मोटिफ प्रकार और पॉलीमॉर्फिज्म जैसी महत्वपूर्ण आनुवंशिक जानकारियां शामिल हैं, जिससे शोधकर्ताओं को डेटा विश्लेषण में आसानी होगी।

SSR मार्कर क्या है

SSR (Simple Sequence Repeat) मार्कर का उपयोग आनुवंशिक विविधता, किस्म पहचान और मार्कर-सहायता प्राप्त चयन में किया जाता है। नया डेटाबेस इन वैज्ञानिक प्रक्रियाओं को और अधिक सरल और प्रभावी बनाएगा।

ऑनलाइन कार्यक्रम में व्यापक भागीदारी

इस ऑनलाइन उद्घाटन कार्यक्रम में विभिन्न भाकृअनुप संस्थानों के निदेशक, प्याज प्रजनक और डीओजीआर पुणे के सभी कर्मचारी शामिल हुए। सभी ने इस पहल को कृषि अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह डेटाबेस प्याज की बेहतर किस्मों के विकास में तेजी लाएगा और अलग-अलग कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुसार अधिक उपयुक्त किस्में तैयार करने में मदद करेगा

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