केवीके देवास में वैज्ञानिक सलाहकार समिति बैठक आयोजित
06 मई 2026, देवास: केवीके देवास में वैज्ञानिक सलाहकार समिति बैठक आयोजित – कृषि विज्ञान केन्द्र, देवास द्वारा 37वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति बैठक का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में डॉ. डी.के. वर्मा, प्रधान वैज्ञानिक, गेहूँ अनुसंधान केंद्र, इंदौर ने कृषि विज्ञान केंद्र पर उपस्थित होकर एवं निदेशक विस्तार सेवाएं की प्रतिनिधि डॉ. शोभना गुप्ता, उप-संचालक विस्तार सेवाएं, निदेशक, अटारी-जबलपुर के प्रतिनिधि डॉ. हरीश, वैज्ञानिक, डॉ. राघवेन्द्र नारगुंड, वैज्ञानिक, निदेशालय सोयाबीन अनुसंधान, इंदौर, श्री राजेश पाठक, आकाशवाणी, इंदौर के साथ साथ कृषि विज्ञान केंद्र, इंदौर डॉ. डी.के. मिश्रा द्वारा ऑनलाइन जुड़कर भागीदारी की गई। इसके साथ ही जिले के कृषि संबद्ध विभागों के प्रमुख श्री गोपेश पाठक, उप-संचालक कृषि, श्री राजू बड़वाया,उप-संचालक, उद्यानिकी, श्री एम.एल.सोलंकी, परियोजना संचालक, आत्मा, डॉ. आर.के.जैन, पशुपालन विभाग , श्री गणेश यादव, बीज निगम, श्री ए.के. परिहार, सहायक संचालक, कृषि उपज मण्डी, श्री मोहन सिंह मालवीय, सचिव, श्री मुकेश कीर, मंडी इंस्पेक्टर, श्री कपिल जाट, कृषि अभियांत्रिकी के साथ-साथ जिले के विभिन्न कृषक उत्पादन संगठन एवं गैर-शासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं प्रगतिशील कृषक व कृषक महिलाएं उपस्थित थी।
बैठक में सर्वप्रथम केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. आर.पी.शर्मा ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य के बारे में बताया। तत्पश्चात डॉ. महेन्द्र सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक द्वारा विगत 06 माह की आयोजित गतिविधियों का प्रगति प्रतिवेदन एवं आगामी 06 माह की प्रस्तावित कार्ययोजना के बारे में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। निदेशक विस्तार सेवाएं, रा.वि.सिं.कृ.वि.वि., ग्वालियर की प्रतिनिधि डॉ. शोभना गुप्ता, उप-संचालक विस्तार सेवाएँ ने प्रस्तुतीकरण में उपलब्धियों के साथ साथ लक्ष्य को भी शामिल करने का सुझाव दिया और प्राकृतिक खेती पर प्रक्षेत्र परीक्षण आयोजित करने का सुझाव दिया। तत्पश्चात गेहूँ अनुसंधान केंद्र, इंदौर से पधारे डॉ. डी.के.वर्मा, प्रधान वैज्ञानिक ने कृषकों को फसल उत्पादन के साथ साथ फसल प्रसंस्करण पर प्रशिक्षण देकर प्रसंस्करण व भण्डारण कर अधिक आय सृजन करने का सुझाव दिया। निदेशक, अटारी-जबलपुर के प्रतिनिधि डॉ. हरीश, वैज्ञानिक ने प्रक्षेत्र परीक्षण व प्रदर्शन के परिणामों में पैरामीटर की भी जानकारी एवं फसल संग्रहालय में 4-5 नवीनतम किस्मों को लगाने का सुझाव दिया। निदेशालय सोयाबीन अनुसंधान, इंदौर के वैज्ञानिक डॉ. राघवेन्द्र नारगुन्ड ने सोयाबीन की उन्नत किस्मों जैसे NRC-150 व JS 2172 का फुल पैकेज ऑफ़ प्रैक्टिस के साथ प्रयोग कर कृषकों को अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए
प्रेरित किया।
उप-संचालक, कृषि श्री गोपेश पाठक ने नरवाई प्रबंधन के लिए मल्चर के प्रदर्शन डालकर इसका आर्थिक आकलन किये जाने का सुझाव दिया। उप-संचालक, उद्यानिकी श्री राजू बड़वाया ने अमरुद, नींबू व आम की उन्नत किस्मों के बारे में जानकारी देकर कृषकों को लगाने के लिए सुझाव दिया। सहायक संचालक, कृषि उपज मंडी श्री ए.के. परिहार ने कृषि के साथ साथ उद्यानिकी फसलें लगाने का सुझाव दिया जिससे कृषकों की आय दोगुनी की जा सके। डॉ. आर.के. जैन, पशुपालन विभाग ने कृषकों को अजोला फार्मिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया जिससे गर्मीं व बारिश के मौसम में पशुओं को उच्च प्रोटीन युक्त आहार मिल सकें।इस बैठक में जिले के प्रगतिशील कृषकों के साथ-साथ केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ के एस भार्गव, डॉ महेंद्र सिंह, डॉ अरविन्दर कौर, श्री विनेश मुजालदा, श्री व्ही.बी. मिश्रा एवं श्री पवन कुमार राजपूत की सराहनीय भूमिका रही।
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