सोयाबीन की फसल में बढ़ा तना मक्खी और इल्ली का खतरा, कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी
21 जुलाई 2026, भोपाल: सोयाबीन की फसल में बढ़ा तना मक्खी और इल्ली का खतरा, कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी – मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में बोनी का कार्य शतप्रतिशत पूर्ण होकर किसान भाईयों को सोयाबीन में खरपतवार नियंत्रण के लिए उपयोगी सलाह दी गई हैं। जिसके तहत सोयाबीन की फसल में बुआई के बाद पहले 30 से 34 दिन खरपतवार नियंत्रण के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। खरपतवार के कारण सोयाबीन फसल के उत्पादन में होने वाले नुकसान को कम करने के लिए फसल को प्रारम्भिक 45 दिन खरपतवार मुक्त रखना अत्यंत आवश्यक हैं।
अतः सलाह दी गई है कि किसान अपनी सुविधा अनुसार खरपतवार नियंत्रण की विभिन्न अनुशंसित विधियों जैसे डोरा चलाना, कुल्पा, हाथ के निदाई गुढ़ाई, रासायनिक खरपतवारनाशक में से किसी एक का प्रयोग करें। साथ ही खेत को खरपतवार से साफ रखे ताकि उपलब्ध नमी का लाभ फसल को मिल सके।
वर्तमान मौसम में सोयाबीन फसल में तना मक्खी, तम्बाकू की इल्ली एवं सेमीलूपर के प्रकोप की संभावना बढ़ गई है। इसके चलते किसानों ये कुछ अहम सलाह दी गई है-
• सप्ताह में कम से कम 2/3 बार खेत का निरीक्षण करें।
• पत्तियों के नीचे अंडों के गुच्छे एवं छोटी इल्लियाँ दिखाई देने पर उन्हें नष्ट करें।
• मित्र कीटों का संरक्षण करें तथा अनावश्यक कीटनाशकों का प्रयोग न करें।
• अनुशंसित कीटनाशक ( किसी एक का प्रयोग करें):- एमामेक्टिन बेंजोएट 5 SG / 220 ग्राम प्रति हेक्टेयर (लगभग 88 ग्राम प्रति एकड़) या क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल 18.5 SC / 150 मिली प्रति हेक्टेयर (लगभग 60 मिली प्रति एकड़) या इंडोक्साकार्ब 14.5 SC / 500 मिली प्रति हेक्टेयर या स्पिनेटोराम 11.7 SSC / 425 मिली प्रति हेक्टेयर या लुफेन्यूरॉन 5-4 EC / 600 मिली प्रति हेक्टेयर
छिड़काव संबंधी सावधानियां
1. 500-600 लीटर पानी प्रति हेक्टेयर का उपयोग करें।
2. छिड़काव सुबह या शाम के समय करें ।
3. एक ही रासायनिक समूह के कीटनाशक का लगातार प्रयोग न करें ।
4. अनुशंसित मात्रा से अधिक मात्रा का प्रयोग न करें।
उपसंचालक कृषि ने किसानों से अपील की हैं कि किसी भी कीटनाशक का उपयोग कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र अथवा अधिकृत कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही प्रयोग करें। समय पर निगरानी एवं वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाकर सोयाबीन फसल को इल्ली से सुरक्षित रखा जा सकता हैं।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

