Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

चार बीघा में दो साल से जैविक ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे रतलाम के किसान, कलेक्टर ने की सराहना

29 सितंबर 2026, भोपाल: चार बीघा में दो साल से जैविक ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे रतलाम के किसान, कलेक्टर ने की सराहना – मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के कलेक्टर अजय कटेसरिया ने सैलाना स्थित कृषक शुभम पाटीदार के खेत पर पहुंचकर उन्नत जैविक पद्धति से की जा रही ड्रैगन फ्रूट की खेती का अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर ने किसान से खेती की तकनीक, उत्पादन, लागत एवं जैविक खेती से संबंधित जानकारी ली तथा खेत का भ्रमण कर खेती की बारीकियों को समझा।

खेत पर कलेक्टर कटेसरिया ने कृषक पाटीदार और बच्चों के साथ खाट पर बैठकर भुट्टे का स्वाद लिया। उन्होंने खेत में उत्पादित बालम ककड़ी और ड्रैगन फ्रूट भी चखा। भुट्टे का स्वाद लेते हुए उन्होंने कहा कि बहुत मीठे हैं। कलेक्टर ने ड्रैगन फ्रूट के स्वाद की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अन्य स्थानों पर भी ड्रैगन फ्रूट खाए हैं, लेकिन रतलाम-सैलाना के ड्रैगन फ्रूट जैसा मीठा स्वाद कहीं देखने को नहीं मिला। उन्होंने कृषक के प्रयासों की प्रशंसा की।

जैविक खेती से अच्छी आय अर्जित कर रहे कृषक पाटीदार

कृषक शुभम पाटीदार ने बताया कि वे चार बीघा भूमि में पिछले दो वर्षों से तथा अन्य पांच बीघा भूमि में पिछले छह वर्षों से ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। ड्रैगन फ्रूट की मांग अच्छी है तथा क्षेत्र में सीमित किसान ही इस प्रकार की खेती कर रहे हैं। उत्पाद आसानी से बिक जाता है और इससे अच्छी आय भी प्राप्त हो रही है।

उन्होंने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती पूरी तरह जैविक पद्धति से की जाती है। खेत पर ही जीवामृत तैयार कर उसका छिड़काव किया जाता है तथा केंचुआ खाद का निर्माण कर उपयोग किया जाता है। कलेक्टर कटेसरिया ने जैविक पद्धति से की जा रही खेती और स्थानीय स्तर पर विकसित किए जा रहे कृषि नवाचारों की सराहना की। उन्होंने उद्यानिकी विभाग से भी ड्रैगन फ्रूट सहित अन्य नई फसलों की खेती की संभावनाओं और तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture