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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

एग्रीस्टैक किसान रजिस्ट्री की डेडलाइन 30 सितंबर, बिना पंजीयन अटकेगी पीएम-किसान किस्त

28 सितंबर 2026, नई दिल्ली: एग्रीस्टैक किसान रजिस्ट्री की डेडलाइन 30 सितंबर, बिना पंजीयन अटकेगी पीएम-किसान किस्त – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की डिजिटल कृषि मिशन के तहत चल रही एग्रीस्टैक किसान रजिस्ट्री (फार्मर रजिस्ट्री) में पंजीयन कराने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 तय की गई है। देशभर के राज्यों में यह समय सीमा एक समान लागू है, और कृषि विभाग के अधिकारी लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि जिन किसानों का 11-अंकीय यूनिक फार्मर आईडी नहीं बनेगा, उन्हें पीएम-किसान सम्मान निधि की अगली किस्त सहित कई योजनाओं का लाभ मिलने में दिक्कत आ सकती है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में यह असर पहले से ही दिखने लगा है। जिले में 3,000 से ज्यादा किसानों की पीएम-किसान किस्त अधूरे या संदिग्ध डेटा की वजह से अटकी हुई है। इनमें 1,450 आवेदन सत्यापन के इंतजार में हैं, 774 मामलों का डेटा “संदिग्ध” श्रेणी में डाला गया है, जबकि 795 अन्य मामले अभी विचाराधीन हैं। कानपुर में कुल 2.18 लाख किसान इस योजना से जुड़े हैं।

कानपुर के उपनिदेशक कृषि आरएस वर्मा ने बताया, “शासन के निर्देशों पर लंबित डाटा संबंधित तहसीलों को भेज दिया गया है। जल्द सत्यापन कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।” शासन ने सभी लंबित मामलों का शत-प्रतिशत सत्यापन 30 सितंबर तक पूरा करने और ब्लॉक से जिला स्तर तक रोजाना प्रगति की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

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कई राज्यों में एक साथ चल रही है मुहिम

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भी किसानों को 30 सितंबर तक फार्म रजिस्ट्री पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि विभाग की प्रशासनिक अधिकारी अमीषा शर्मा ने साफ कहा है, “जिन किसानों का एग्रीस्टैक में रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, उन्हें पीएम किसान निधि सहित विभिन्न कृषि एवं बागवानी योजनाओं का लाभ मिलने में दिक्कत हो सकती है।”

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तेलंगाना में भी “एक किसान, एक आईडी” की अवधारणा के तहत पंजीयन अब अनिवार्य कर दिया गया है। बिना यूनिक फार्मर आईडी के किसान पीएम-किसान किस्त, राज्य की रायथु भरोसा योजना, धान-कपास-मक्का पर एमएसपी खरीद, बैंकों से फसल ऋण और यूरिया बुकिंग जैसे लाभों से वंचित हो सकते हैं। राज्य में 22 से 30 सितंबर तक गांव-गांव विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं, और मंडल कार्यालयों में कृषि विस्तार अधिकारी से भी पंजीयन संभव है।

पंजीयन के लिए किसानों को आधार कार्ड, भूमि से जुड़े दस्तावेज (खतौनी/पासबुक) और आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर की जरूरत होती है। ज्यादातर राज्यों में पंजीयन तीन तरीकों से हो सकता है — नजदीकी कृषि कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से, कॉमन सर्विस सेंटर/जन सेवा केंद्र के जरिए, या राज्य के अपने एग्रीस्टैक पोर्टल पर ऑनलाइन। पंजीयन की स्थिति संबंधित राज्य के फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर आधार नंबर और ओटीपी से जांची जा सकती है।


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