राजस्थान: ‘प्रति बूंद अधिकतम उत्पादन’ का मंत्र, किसानों को सिखाई गई सूक्ष्म सिंचाई तकनीक
03 जून 2026, जयपुर: राजस्थान: ‘प्रति बूंद अधिकतम उत्पादन’ का मंत्र, किसानों को सिखाई गई सूक्ष्म सिंचाई तकनीक – किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने, जल संरक्षण करने और कृषि में पानी के दक्षतापूर्ण उपयोग के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र में सोमवार को ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत एक दिवसीय किसान कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने सूक्ष्म सिंचाई संयंत्रों के जरिए ‘प्रति बूंद अधिकतम उत्पादन’ प्राप्त करने की उन्नत तकनीकें साझा कीं।
कार्यशाला के दौरान विभिन्न कृषि एवं मृदा विशेषज्ञों ने किसानों का मार्गदर्शन किया। मुख्य वैज्ञानिक मुकेश चौधरी और मृदा वैज्ञानिक सेवा खूंडला ने मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ाने और प्राकृतिक खेती के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक राजेश शर्मा, आत्मा के परियोजना निदेशक कौशल कुमार सोमाणी और उद्यान विभाग के उपनिदेशक पांचू लाल मीणा ने सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के माध्यम से पानी की बचत और पैदावार बढ़ाने के तरीके बताए। साथ ही, रिलायंस फाउंडेशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक रामधन जाट ने भी जल संरक्षण अभियान के तहत किसानों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
कार्यशाला में किसानों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। किसानों को सूक्ष्म सिंचाई संयंत्रों के सही उपयोग और फायदों को समझाने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। इसके अलावा, खेतों में ही जैविक खाद तैयार करने को बढ़ावा देने के लिए ‘कम्पोस्ट’ बनाने की तकनीक का सजीव प्रदर्शन किया गया।
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