राज्य कृषि समाचार (State News)

रायपुर : जशपुर के बगिया क्षेत्र के किसानों की बदलेगी तकदीर, IGKV और मिनीमाता बांगो डिवीजन के बीच हुआ एमओयू  

26 मई 2026, रायपुर: रायपुर : जशपुर के बगिया क्षेत्र के किसानों की बदलेगी तकदीर, IGKV और मिनीमाता बांगो डिवीजन के बीच हुआ एमओयू  – जशपुर जिले के बगिया क्षेत्र में कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी), रायपुर और मिनीमाता बांगो डिवीजन, माचाडोली कटघोरा के बीच फार्मर रिलेशनशिप एजेंसी निर्धारण को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के माध्यम से बगिया क्षेत्र के किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने, कृषि उत्पादन में सुधार लाने और ग्रामीण कृषि व्यापार को मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में मिनीमाता बांगो डिवीजन, कटघोरा के कार्यपालन अभियंता श्री अखिलेश साहू और आईजीकेवी के निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस. एस. टुटेजा ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

13 गांवों में चलेंगी कृषि विकास गतिविधियां

इस परियोजना के तहत मिनीमाता बांगो बांध के कमांड क्षेत्र अंतर्गत आने वाले 13 गांवों में विभिन्न कृषि विकास गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इन गतिविधियों के संचालन की जिम्मेदारी कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), जशपुर को नोडल एजेंसी के रूप में सौंपी गई है।

परियोजना के अंतर्गत किसानों के खेतों का मृदा परीक्षण किया जाएगा और फसलों तथा वर्तमान कृषि स्थिति का विस्तृत सर्वेक्षण किया जाएगा। साथ ही किसानों और ग्रामीण समुदाय को परियोजना के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

खेतों में होगा आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन

किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए उनके खेतों में वैज्ञानिक पद्धति से फसल प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके जरिए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा और वे बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए नई पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

परियोजना के तहत किसानों को उन्नत बीज, जैव उर्वरक और अन्य आवश्यक कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा उद्यानिकी फसलों की उन्नत तकनीकों के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ किसानों को कृषि यंत्र और अन्य संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

ग्रामीण युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार

परियोजना में ग्रामीण युवाओं और पानी कृषि मित्रों के प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास पर भी विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत युवाओं को कृषि आधारित रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

समय-समय पर प्रक्षेत्र दिवसों का आयोजन कर विशेषज्ञ किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, जल प्रबंधन, फसल विविधीकरण और बाजारोन्मुख खेती की जानकारी देंगे।

एफपीओ गठन और कृषि व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

किसानों को संगठित कर कृषि व्यापार को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) के गठन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके माध्यम से किसान सामूहिक रूप से बाजार आधारित कृषि व्यापार कर सकेंगे और उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

परियोजना के जरिए किसानों को विपणन, मूल्य संवर्धन और कृषि उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने हेतु तकनीकी और संस्थागत सहयोग भी प्रदान किया जाएगा।

किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बगिया क्षेत्र के किसानों को टिकाऊ और लाभकारी कृषि प्रणाली से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे ग्रामीण कृषि व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

इस अवसर पर डॉ. विवेक त्रिपाठी, संचालक अनुसंधान सेवाएं, डॉ. कपिल देव दीपक, कुलसचिव तथा डॉ. राकेश भगत, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र जशपुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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