राज्य कृषि समाचार (State News)

रायपुर: तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाने की तैयारी, किसानों को बांटे गए उन्नत मूंगफली बीज

29 जून 2026, रायपुर: रायपुर: तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाने की तैयारी, किसानों को बांटे गए उन्नत मूंगफली बीज – किसानों की आय बढ़ाने, तिलहनी फसलों के उत्पादन में वृद्धि करने और देश को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार और कृषि विभाग लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले के पेंड्रा विकासखंड के ग्राम कोटमीकला में भारत सरकार की राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (एनएमईओ) योजना के तहत चयनित किसानों को उन्नत किस्म के मूंगफली बीज वितरित किए गए। यह पहल किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

तिलहनी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को अधिक सशक्त, आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। कृषि विभाग किसानों तक उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सलाह और शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहा है।

राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के माध्यम से तिलहनी फसलों के रकबे और उत्पादकता में वृद्धि कर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

25 किसानों को मिले उन्नत मूंगफली बीज

ग्राम कोटमीकला में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अमित कुमार तंवर, कृषि विकास अधिकारी मधुसूदन, क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी तथा ग्राम पंचायत के सरपंच भंवर सिंह अर्मो की उपस्थिति में योजना के अंतर्गत 10 हेक्टेयर प्रदर्शन रकबे के लिए चयनित 25 किसानों को उन्नत गुणवत्ता वाले मूंगफली बीज वितरित किए गए।

इस दौरान अधिकारियों ने किसानों को बताया कि प्रमाणित एवं उन्नत बीजों के उपयोग से न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि फसल की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होता है।

वैज्ञानिक खेती की दी गई जानकारी

कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बीज उपचार, समय पर बुआई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण, कीट एवं रोग प्रबंधन, जल संरक्षण तथा फसल की वैज्ञानिक देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत जानकारी दी।

इसके साथ ही किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, मृदा परीक्षण के आधार पर खेती करने और कृषि विभाग की सलाह के अनुसार खेती करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि उत्पादन लागत कम हो और अधिक लाभ प्राप्त किया जा सके।

आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मिलेगा बल

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन का उद्देश्य केवल किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक खेती की नवीनतम तकनीकों से जोड़कर तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाना और खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करना भी है।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शन आधारित खेती से अन्य किसान भी प्रेरित होंगे और क्षेत्र में मूंगफली सहित तिलहनी फसलों का रकबा बढ़ेगा।

किसानों ने की पहल की सराहना

कार्यक्रम में शामिल किसानों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्तायुक्त बीज और तकनीकी मार्गदर्शन मिलने से खेती अधिक लाभकारी बनेगी।

कृषि विभाग ने किसानों से शासन की कृषि हितैषी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने, उन्नत तकनीकों को अपनाने और तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाकर अपनी आय में वृद्धि करने का आह्वान किया। विभाग का कहना है कि राज्य सरकार और कृषि विभाग की ऐसी पहलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ किसानों के जीवन में समृद्धि का नया अध्याय लिख रही हैं।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट