राज्य कृषि समाचार (State News)

बैंगन की खेती से रायपुर के किसान ने कमाए लाखों, ग्राफ्टेड तकनीक से मिला 144 क्विंटल उत्पादन  

18 अगस्त 2026, रायपुर: बैंगन की खेती से रायपुर के किसान ने कमाए लाखों, ग्राफ्टेड तकनीक से मिला 144 क्विंटल उत्पादन – पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक और उन्नत किस्मों को अपनाकर किसान कम क्षेत्र में भी उत्पादन और आमदनी बढ़ा सकते हैं। रायपुर के किसान सुरेंद्र ने उद्यानिकी विभाग की सलाह से ग्राफ्टेड बैंगन की खेती अपनाई और इससे उन्हें बेहतर उत्पादन के साथ अतिरिक्त आय का लाभ मिला।

किसान सुरेंद्र कृषि की उन्नत तकनीकों और नई पद्धतियों की जानकारी के लिए उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के संपर्क में रहते हैं। इसी के तहत उन्हें राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती के लिए 30 हजार रुपए का अनुदान मिला।

ग्राफ्टेड बैंगन से 144 क्विंटल उत्पादन

अनुदान और तकनीकी मार्गदर्शन मिलने के बाद किसान ने ग्राफ्टेड बैंगन की खेती की। इससे उन्हें कुल 144 क्विंटल बैंगन का उत्पादन प्राप्त हुआ। उत्पादित बैंगन को बाजार में बेचने के बाद उन्हें 2 लाख 39 हजार रुपए का शुद्ध लाभ मिला। किसान के मुताबिक ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से उन्हें पारंपरिक खेती की तुलना में बेहतर आर्थिक परिणाम मिला। आधुनिक तकनीक अपनाने से उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती से होने वाली आमदनी में भी सुधार हुआ।

दूसरे किसानों को भी मिल रही प्रेरणा

ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से मिले बेहतर परिणाम के बाद आसपास के अन्य किसान भी आधुनिक कृषि तकनीक और उन्नत पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। उद्यानिकी फसलों में नई तकनीकों का इस्तेमाल किसानों को कम क्षेत्र में बेहतर उत्पादन लेने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद कर सकता है।

सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि और उद्यानिकी तकनीकों को अपनाने के लिए आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। इससे किसानों को पारंपरिक खेती के साथ नई फसलों और तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture