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राज्य कृषि समाचार (State News)

भाजपा ,कांग्रेस और भाकिसं ने पांढुर्ना जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की

06 अक्टूबर 2026, (उमेश खोड़े, कृषक जगत, पांढुर्ना): भाजपा ,कांग्रेस और भाकिसं ने पांढुर्ना जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गत दिनों  जिला पांढुर्ना आगमन पर भाजपा किसान मोर्चा जिला पांढुर्ना ,जिला कांग्रेस कमेटी  और भारतीय किसान संघ ने पांढुर्ना जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में बताया गया कि इस वर्ष  पांढुर्ना  जिले में अत्यंत अल्प वर्षा होने के कारण खरीफ की फसलें जैसे सोयाबीन, कपास, मक्का, तुअर आदि पूरी तरह चौपट हो चुकी हैं। किसान कर्ज में डूब गया है तथा पीने के पानी एवं पशु चारे का भी गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।

भाजपा किसान मोर्चा जिला पांढुर्ना के जिला अध्यक्ष श्री विलास खिरडकर  द्वारा  मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में विशेष रूप से उल्लेख किया कि पांढुर्ना और सौंसर तहसील क्षेत्र में अपेक्षित वर्षा नहीं होने से सोयाबीन, कपास, मक्का, तुअर, संतरा , मोसम्बी आदि  फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों को सिंचाई करने एवं फसल बचाने में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। फसलें सूखने की स्थिति में है। जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। बता दें कि महाराष्ट्र के निकटवर्ती नागपुर और अमरावती जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया है।  ऐसी  ही परिस्थितियों वाले  पांढुर्ना जिला एवं सौसर तहसील में भी सूखे का गंभीरता से आकलन कर इसे भी सूखाग्रस्त घोषित करना चाहिए। साथ ही प्रभावित किसानों को फसल क्षति मुआवजा ,राहत राशि एव आवश्यक सहायता दी जानी चाहिए। ज्ञापन देते समय जिला अध्यक्ष श्री विलास खिरडकर ,जिला महामंत्री द्वय श्री किशोर धुर्वे एवं श्री रवि करलसे,किसान मोर्चा नगर मंडल अध्यक्ष श्री श्री प्रशांत बांदरे सहित कई किसान  मौजूद थे।

कांग्रेस  प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से  पांढुर्ना जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित  करने की मांग करते हुए कहा कि फसलों के नुकसान का सर्वे (गिरदावरी) कराया जाए। प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा, फसल बीमा राशि एवं राहत राशि प्रदान की जाए। तथा  किसानों का कृषि ऋण माफ/स्थगित किया जाए। पांढुर्ना के विधायक श्री निलेश उईके एवं  सौंसर विधायक श्री विजय चौरे ने मुख्यमंत्री पांढुर्ना जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए पृथक से भी पत्र लिखा है। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री जतन उईके, सौंसर विधायक श्री विजय चौरे , पांढुर्ना  विधायक श्री नीलेश उईके , ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष श्री विलास धोटे, बड़चिचोली ब्लॉक अध्यक्ष श्री श्रीकांत महाजन, नगर कांग्रेस अध्यक्षश्री जयंत घोड़े, सोशल मीडिया जिला अध्यक्ष देवकांत मांडोगड  आदि कांग्रेस पदाधिकारी  मुख्य रूप से उपस्थित रहे ।  

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दूसरी ओर भारतीय किसान संघ , ( भाकिसं ) पांढुर्ना द्वारा भी मुख्यमंत्री डॉ यादव को ज्ञापन सौंपा गया , जिसमें अल्प वर्षा से फसलें  पूरी  तरह बर्बाद होने , संतरा फसल के संकट में आने तथा भविष्य में पीने के पानी के महासंकट से रबी फसलें प्रभावित होने को देखते हुए पांढुर्ना जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने , प्रत्येक गांव में फसल क्षति का सर्वे कराकर फसल बीमा एवं मुआवजा की राशि शीघ्र दिलाने ,संतरा बागवानों के लिए विशेष पैकेज देने , पेयजल एवं रबी  फसल हेतु जल प्रबंधन योजना लागू करने तथा भूली जलाशय में पूरे डूब क्षेत्र को  मोरडोंगरी गाइडलाइन के अनुसार मुआवजा देने की मांग की गई। इस मौके पर भाकिसं से संरक्षक श्री रवि हिवरे ,जिला मंत्री श्री नीरज दुबे ,तहसील अध्यक्ष श्री प्रदीप खवसे , तहसील मंत्री श्री रविशंकर गोरे तथा श्री देवीदास राउत भी उपस्थित थे।

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 मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि जब से पांढुर्ना जिले की घोषणा की है , तब से विकास के लिए  पर्याप्त धनराशि दी है। जिले में सामान्य से बारिश कम हुई है। मैंने कलेक्टर और कमिश्नर से कहा है कि इस दिशा में जो बेहतर हो सकता है, वह करें।  हालांकि सूखे के जो पैमाने हैं, उससे ज़्यादा बारिश यहां हुई है,  फिर भी यहां के लोगों के लिए रोज़गार और अन्य सभी सहायता उपलब्ध  कराई जाएगी । कलेक्टर -कमिश्नर से आकलन बनाकर देने के लिए कहा है। प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि शासन इस विषय को गंभीरता से लेकर शीघ्र उचित कार्यवाही करेगा।  

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