राज्य कृषि समाचार (State News)

प्रदेश में औसत से 15 प्रतिशत कम बारिश, हर जिले में रखें जरूरी तैयारी : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

11 अगस्त 2026, भोपाल: प्रदेश में औसत से 15 प्रतिशत कम बारिश, हर जिले में रखें जरूरी तैयारी : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव – मध्यप्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक औसत से करीब 15 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज होने के बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कम वर्षा की स्थिति वाले जिलों में किसानों और आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। वहीं जिन क्षेत्रों में आने वाले दिनों में अधिक वर्षा की संभावना है, वहां भी अतिवृष्टि और जलभराव से निपटने के लिए पहले से आवश्यक तैयारियां पूरी रखी जाएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मंत्रालय में प्रदेश में कम वर्षा की स्थिति और उससे उत्पन्न परिस्थितियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि असामान्य वर्षा की स्थिति में सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें और संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए जिला स्तर तक आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।

571 के मुकाबले 483 मिलीमीटर बारिश

बैठक में बताया गया कि 1 जून से 10 अगस्त तक प्रदेश में सामान्य वर्षा 571 मिलीमीटर के मुकाबले 483 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। यह सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्यप्रदेश में 513.20 मिलीमीटर तथा पश्चिमी मध्यप्रदेश में 459.80 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है। प्रदेश की कुल औसत वर्षा 949.50 मिलीमीटर बताई गई है।

वर्तमान में प्रदेश के लगभग आधे जिलों में सामान्य वर्षा हुई है, जबकि कुछ जिलों में वर्षा की कमी बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने कम वर्षा वाले जिलों पर विशेष निगरानी रखने और आवश्यकता के अनुसार किसानों को समय पर सलाह तथा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

रबी में कम सिंचाई वाली फसलों को दें प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी रबी सीजन को देखते हुए किसानों को ऐसी फसलों की बोवनी के लिए प्रेरित किया जाए, जिनमें अपेक्षाकृत कम सिंचाई की आवश्यकता होती है। उन्होंने विशेष रूप से चना फसल के लिए पर्याप्त मात्रा में बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक धान की करीब 84 प्रतिशत बोवनी पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने खाद और बीज की उपलब्धता पर भी लगातार निगरानी रखने तथा किसानों को समय पर आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जलस्रोतों और बांधों की निगरानी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रमुख जलस्रोतों और तालाबों के जलस्तर की नियमित निगरानी करने को कहा। राज्य और जिला स्तर पर आपदा नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने तथा जलभराव, बाढ़ और अन्य आपदा से संबंधित सूचनाओं को तत्काल दर्ज करने के निर्देश दिए गए।

बाढ़ संभावित क्षेत्रों में नागरिकों को आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था और अतिवृष्टि की स्थिति में राहत शिविरों की तैयारी रखने को कहा गया। बांधों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में निचले इलाकों में समय रहते चेतावनी जारी करने के भी निर्देश दिए गए।

किसानों के हित में कई निर्देश

मुख्यमंत्री ने किसानों को फसल बीमा योजना से अधिक से अधिक जोड़ने, सिंचाई के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने और बारिश के बाद सड़कों के संधारण का कार्य सुचारू रूप से करने को कहा। अतिवृष्टि या जलभराव से प्रभावित फसलों का राजस्व विभाग के दलों से पारदर्शी सर्वे कराया जाएगा और पात्र किसानों को आपदा राहत कोष से मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने अब तक हुई मूंग खरीदी में गुणवत्ता अथवा अन्य शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जहां कार्य में अड़चन हो, वहां विशेष टीम गठित कर समस्या का समाधान करने तथा कालाबाजारी की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

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