राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

एग्रीस्टैक क्या है? जानिए भारत के डिजिटल कृषि मंच के बारे में

10 अगस्त 2026, नई दिल्ली: एग्रीस्टैक क्या है? जानिए भारत के डिजिटल कृषि मंच के बारे में – एग्रीस्टैक भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित किसानों के लिए एक डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना है। इसका उद्देश्य किसानों तक सरकारी योजनाओं, कृषि सेवाओं और वित्तीय सुविधाओं को अधिक तेज़, पारदर्शी और सरल तरीके से पहुंचाना है। एग्रीस्टैक प्रत्येक किसान की एक डिजिटल प्रोफ़ाइल तैयार करता है, जिसमें कृषि से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां एकीकृत होती हैं। साथ ही, यह किसानों के आंकड़ों की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित कानूनी प्रावधानों का पालन करता है।

एग्रीस्टैक क्या है?

एग्रीस्टैक भारत के कृषि क्षेत्र के लिए विकसित एक डिजिटल आधारभूत व्यवस्था है, जिसे किसानों को विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह प्रत्येक किसान का एक समग्र डिजिटल विवरण तैयार करता है, जिसमें निम्नलिखित जानकारियां शामिल होती हैं—

  • किसान का विवरण
  • भूमि अभिलेख
  • बोई गई फसलों की जानकारी
  • पशुधन एवं मत्स्य पालन जैसी परिसंपत्तियों का विवरण

एग्रीस्टैक तीन प्रमुख अभिलेखों पर आधारित है, जिनका निर्माण और रखरखाव राज्य सरकारों तथा केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किया जाता है—

  • किसान अभिलेख
  • भू-संदर्भित ग्राम मानचित्र
  • बोई गई फसल का अभिलेख

इन तीनों अभिलेखों के माध्यम से कृषि सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।

किसान पहचान संख्या क्या है?

किसान पहचान संख्या किसानों की पहचान का एक डिजिटल माध्यम है, जिसे किसान के विवरण को उसके डिजिटीकृत भूमि अभिलेखों के साथ जोड़कर तैयार किया जाता है। यह पहचान संख्या किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं से जोड़ने का आधार बनती है।

3 अगस्त 2026 तक देशभर में 10.31 करोड़ से अधिक किसान पहचान संख्याएं बनाई जा चुकी हैं।

किसान अभिलेख को कई किसान-केंद्रित योजनाओं और डिजिटल मंचों से जोड़ा जा रहा है, जिससे किसानों को निम्नलिखित सेवाएं अधिक तेज़ी से उपलब्ध कराई जा सकें—

  • कृषि ऋण का वितरण
  • फसल बीमा सेवाएं
  • मौसम संबंधी परामर्श
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीद व्यवस्था
  • अन्य किसान कल्याण योजनाओं का लाभ

डिजिटल फसल सर्वेक्षण का विस्तार

रबी 2025-26 के दौरान डिजिटल फसल सर्वेक्षण देश के 648 जिलों में किया गया। इस सर्वेक्षण के अंतर्गत 31.3 करोड़ से अधिक कृषि भू-खंडोंको शामिल किया गया।

मणिपुर ने भी डिजिटल फसल सर्वेक्षण शुरू करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है और किसान पहचान संख्या तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल हो गया है।

एग्रीस्टैक किसानों के आंकड़ों की सुरक्षा कैसे करता है?

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, एग्रीस्टैक को विकेंद्रीकृत व्यवस्था के आधार पर विकसित किया गया है। इसका अर्थ है कि किसानों के आंकड़ों का स्वामित्व संबंधित राज्य सरकारों के पास ही रहता है।

एग्रीस्टैक का विकास डिजिटल व्यक्तिगत आंकड़ा संरक्षण अधिनियम, 2023 तथा डिजिटल व्यक्तिगत आंकड़ा संरक्षण नियम, 2025 के अनुरूप किया गया है।

इस व्यवस्था के तहत किसानों के आंकड़े केवल उनकी सहमति से ही एकत्र किए जाते हैं। किसान स्वयं यह तय कर सकते हैं कि उनका विवरण किस अधिकृत संस्था के साथ और किस उद्देश्य के लिए साझा किया जाए।

मंत्रालय के अनुसार, एग्रीस्टैक की सुरक्षा व्यवस्था इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल द्वारा जारी साइबर सुरक्षा दिशा-निर्देशों के अनुरूप है। किसानों की जानकारी सांकेतिक रूप से सुरक्षित (एन्क्रिप्टेड) रखी जाती है, जिससे केवल अधिकृत प्रणालियां ही उसे पढ़ सकती हैं।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता से होगा फसल उत्पादन का आकलन

सरकार फसल उत्पादन का अधिक सटीक आकलन करने के लिए आधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर रही है। फसल बीमा योजना के अंतर्गत संचालित येस-टेक पहल के तहत धान, गेहूं और सोयाबीन की उपज का आकलन तकनीक आधारित प्रणाली से किया जा रहा है।

इस पहल के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा मशीन अधिगम जैसी तकनीकों का उपयोग फसल उत्पादन का अनुमान लगाने के लिए किया जा रहा है।

डिजिटल सामान्य फसल उपज आकलन प्रणाली क्या है?

फसल उत्पादन का अधिक सटीक और समयबद्ध आकलन करने के लिए सरकार ने डिजिटल सामान्य फसल उपज आकलन प्रणाली विकसित की है।

यह प्रणाली डिजिटल माध्यम से फसल उपज का वैज्ञानिक आकलन उपलब्ध कराती है, जिससे कृषि उत्पादन के अनुमान अधिक सटीक बनते हैं। इससे कृषि नीति बनाने, फसल बीमा के दावों के आकलन तथा विभिन्न कृषि योजनाओं के प्रभावी संचालन में सहायता मिलती है।


आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture