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राज्य कृषि समाचार (State News)

पंजाब ने बाढ़ पीडि़तों के लिए मुआवज़ा राशि दोगुनी करने के लिए नियमों में छूट माँगी

12 अगस्त 2023, चण्डीगढ़: पंजाब ने बाढ़ पीडि़तों के लिए मुआवज़ा राशि दोगुनी करने के लिए नियमों में छूट माँगी – पंजाब के मुख्य सचिव श्री अनुराग वर्मा ने केंद्रीय टीम के समक्ष बाढ़ से हुए नुकसान की पूर्ति करने के लिए पीडि़तों की की जाने वाली मदद के नियमों में छूट देने की माँग की है। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिख कर बताया गया है कि पीडि़तों को मुआवज़ा देने के लिए राज्य के आपदा राहत फंडों में कोई कमी नहीं, सिर्फ़ नुकसान की पूर्ति करने के नियमों में बदलाव की ज़रूरत है जिससे लोगों के नुकसान की पूरी भरपाई हो सके। पंजाब ने जान-माल के नुकसान के लिए मुआवज़ा राशि को बढ़ाने की माँग की है।

पंजाब और पहाड़ी इलाकों में निरंतर मूसलाधार बारिश के कारण राज्य में आयी बाढ़ से हुए नुकसान का ज़मीनी स्तर पर जायज़ा लेने के लिए पंजाब के दौरे पर आई सात सदस्यीय अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम ने विभिन्न जिलों का दौरा करने के बाद आज यहाँ पंजाब सिवल सचिवालय में मुख्य सचिव के साथ मीटिंग की। मीटिंग के दौरान विभागवार बाढ़ से हुए नुकसान की पेशकारी दिखाने के बाद मुख्य सचिव ने केंद्रीय टीम को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी।

बाढ़ पीड़ितों की मुआवजा राशि दो गुनी करनी की गई मांग

मुख्य सचिव श्री वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री की तरफ से लिखे पत्र में पीडि़तों को दी जाने वाली मुआवज़ा राशि करीब दोगुनी करने की माँग की गई जैसे कि मृतक के परिवार को दी जाने वाली मुआवज़ा राशि 4 लाख रुपए से बढ़ा कर 8 लाख रुपए, फ़सल के नुकसान के लिए 17 हज़ार रुपए से बढ़ा कर 34 हज़ार रुपए, दुधारू पशुओं के लिए 37,500 से बढ़ा कर 75 हज़ार रुपए, क्षतिग्रस्त घर के लिए 1,20,000 रुपए से बढ़ा कर 2.40 लाख रुपए करने की माँग रखी गई है। इसी तरह और भी कई तरह के हुए नुकसान के लिए मुआवज़ा राशि बढ़ाने की माँग रखी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य  सरकार अपने लोगों की दुख की घड़ी में साथ खड़ी है और मुआवज़ा देने के लिए फंड भी है परन्तु सिर्फ़ केंद्रीय गृह मंत्रालय के नियमों के कारण वह उपयुक्त मुआवज़ा देने से असमर्थ है। इसलिए इन नियमों में बदलाव करने की ज़रूरत है।

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हिमाचल के बाद सबसे अधिक पंजाब का नुकसान हुआ

मीटिंग के दौरान केंद्रीय टीम के प्रमुख राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अथॉरिटी के वित्तीय सलाहकार रवीनीश कुमार ने कहा कि उनकी टीम की तरफ से कई राज्यों का दौरा किया गया और हिमाचल प्रदेश के बाद सबसे अधिक नुकसान पंजाब में हुआ है। टीम के एक अन्य मैंबर इसरो से आए फ्लड मैपिंग और साइंटिस्ट/इंजीनियर के प्रमुख डा. ए. वी. सुरेश बाबू ने कहा कि सैटेलाइट तस्वीरों के द्वारा भी स्पष्ट हुआ है कि भारी बारिश ने पंजाब में काफ़ी नुकसान किया है और अधिकतर क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित है।

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मीटिंग में केंद्रीय टीम में शामिल कृषि और किसान कल्याण के डायरैक्टर बी. के. श्रीवास्तव, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंडर सचिव कैलाश कुमार, केंद्रीय जल आयोग के डायरेक्टर अशोक कुमार, वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की सहायक डायरेक्टर अंजलि मौर्य और केंद्रीय सडक़ परिवहन और राजमार्ग से नवीन कुमार चौरसिया के अलावा पंजाब की तरफ से विशेष मुख्य सचिव राजस्व के. ए. पी. सिन्हा, प्रमुख सचिव जल संसाधन  कृष्ण कुमार और प्रमुख सचिव लोक निर्माण नीलकंठ अवध भी उपस्थित थे।

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