राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार में नारियल क्रांति की तैयारी, 28.75 रुपये में मिलेगा पौधा

22 जुलाई 2026, भोपाल: बिहार में नारियल क्रांति की तैयारी, 28.75 रुपये में मिलेगा पौधा – बिहार में पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों और आम लोगों की अतिरिक्त आय बढ़ाने के उद्देश्य से उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग ने ‘नारियल पौधा वितरण योजना 2026-27’ शुरू की है। राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार को नारियल उत्पादन का नया केंद्र बनाना है। योजना के तहत राज्य के सभी 38 जिलों में उच्च गुणवत्ता वाले नारियल के पौधे मात्र 25 प्रतिशत कीमत पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

बिहार में हर वर्ष केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों से बड़ी मात्रा में नारियल मंगाया जाता है। इससे परिवहन लागत के कारण नारियल महंगा हो जाता है। राज्य में नारियल की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार अब स्थानीय स्तर पर इसका उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

115 रुपये के पौधे पर 86.25 रुपये का अनुदान

नारियल के एक पौधे की इकाई लागत 115 रुपये निर्धारित की गई है। इसमें उत्पादन और परिवहन व्यय शामिल है। सरकार द्वारा प्रति पौधे 75 प्रतिशत यानी 86.25 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। किसानों और अन्य लाभार्थियों को केवल 28.75 रुपये प्रति पौधा देना होगा।

एक व्यक्ति न्यूनतम 5 और अधिकतम 712 पौधे प्राप्त कर सकता है। प्रति हेक्टेयर अधिकतम 178 पौधे लगाए जा सकेंगे।

किसे मिलेगा योजना का लाभ

यह योजना केवल किसानों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोग भी इसका लाभ ले सकते हैं। घर के आसपास, खाली जमीन, खेत, बाड़ी या रसोई उद्यान में नारियल के पौधे लगाने के इच्छुक लोग योजना के लिए पात्र होंगे। योजना बिहार के सभी 38 जिलों में लागू की गई है।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

आवेदक के पास आधार कार्ड, पासपोर्ट आकार का रंगीन फोटो, भूमि की वर्तमान रसीद या एकरारनामा, कृषि विभाग की किसान पंजीयन संख्या और बैंक खाते की पासबुक की प्रति होना आवश्यक है। यदि भूमि आवेदक के नाम पर नहीं है, तो भूमि रसीद के साथ वंशावली भी लगानी होगी।

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

आवेदक बिहार कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर जाकर योजना का विकल्प चुन सकते हैं। इसके बाद किसान पंजीयन संख्या दर्ज कर आवेदन पत्र भरना होगा। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन जमा कर उसकी रसीद सुरक्षित रखनी होगी।

नारियल को दुनिया के सबसे उपयोगी पेड़ों में माना जाता है। बिहार में इसके विस्तार से पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों और आम लोगों को लंबे समय तक अतिरिक्त आय का साधन मिल सकता है। सरकार की यह योजना राज्य में नारियल उत्पादन को बढ़ावा देने और बाहर से होने वाली निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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