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राज्य कृषि समाचार (State News)

लगातार सुस्त पड़ रहा है प्याज निर्यात

01 दिसंबर 2025, भोपाल: लगातार सुस्त पड़ रहा है प्याज निर्यात – प्याज का उपयोग भले ही  करते हो लेकिन  जब  भारत से प्याज निर्यात का मामाला हो तो यह चिंता की ही बात होगी कि भारत का प्याज निर्यात लगातार सुस्त पड़ रहा है.

घरेलू स्तर पर फार्मगेट (खेत पर मिलने वाली कीमत) कीमतें ऐतिहासिक रूप से कम होने के बावजूद निर्यात में जान नहीं आ पा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह बांग्लादेश का आत्मनिर्भर बनने का प्रयास और पाकिस्तान और चीन जैसे नए सोर्स की ओर उसका रुख है. यह बदलाव तब शुरू हुआ जब भारत ने घरेलू महंगाई रोकने के लिए पिछले वर्षों में कई बार प्याज निर्यात पर अस्थायी रोक लगाई थी.

बांग्लादेश, जो कभी भारत के प्याज निर्यात का लगभग एक-तिहाई खरीदता था, अब पिछले आठ महीनों में बेहद कम मात्रा में आयात कर रहा है जबकि वहां बाजार भाव भारत की तुलना में तीन गुना अधिक हैं. यही हाल सऊदी अरब का भी है, जिसने लगभग एक साल से भारतीय प्याज खरीदना लगभग बंद कर दिया है.

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निर्यातकों का कहना है कि भारतीय प्याज के बीज की अवैध आवाजाही ने भी हालात बिगाड़े हैं. इन बीजों का उपयोग कर पारंपरिक खरीदार देश अब खुद प्याज उत्पादन बढ़ा रहे हैं, जिससे भारत की पुरानी बढ़त कमजोर हुई है. “पहले ग्राहक क्वालिटी माल के लिए प्रीमियम कीमत चुकाते थे, लेकिन जब हम लंबे समय तक बाजार से बाहर रहे तो उन्होंने नए सोर्स ढूंढ लिए,” जाने-माने निर्यातक अजीत शाह ने  कहा. भारत ने अगस्त 2023 से अप्रैल 2025 तक कई दौर में निर्यात प्रतिबंध लगाए. इससे उन देशों में कीमतें उछलीं जो भारतीय प्याज पर निर्भर थे. 2020 में तो बांग्लादेश ने भारत को नीति में लगातार बदलाव को लेकर कूटनीतिक नोट भी भेजा था. फिलहाल बांग्लादेश सरकार अपने किसानों की सुरक्षा और घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए भारत से प्याज आयात नहीं कर रही है.

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