राज्य कृषि समाचार (State News)

अश्वगंधा की खेती को प्रोत्साहित करने हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

30 अप्रैल 2025, उज्जैन: अश्वगंधा की खेती को प्रोत्साहित करने हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न – देवारण्य योजनान्तर्गत आयुष विभाग के तत्वाधान में ब्लॉक स्तरीय अश्वगंधा औषधीय पौधों की खेती पर आधारित एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत भवन करोहन में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सरपंच श्रीमती रूप कुंवर लाखन सिंह राठौड़ ने किया । मास्टर ट्रेनर आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ जितेंद्र जैन ने  किसानों को योजना के बारे में बताते हुए कहा कि एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम के तहत जिले सहित मालवा की भूमि को अश्वगंधा औषधीय पौधे की खेती अधिक उत्पादन क्षमता के लिए उपयुक्त माना है।

वर्तमान में बढ़ती हुई जनसंख्या के लिए 7000 टन प्रतिवर्ष आवश्यकता है ,जबकि उत्पादन मात्र 1600 टन प्रति वर्ष है अश्वगंधा का उपयोग आयुर्वेद होम्योपैथी यूनानी दवाओं के निर्माण में किया जाता है । डॉ जैन ने औषधीय पौधों की खेती बीजारोपण ,बुवाई ,उत्पादन, कृषि करने के लाभ की जानकारी दी। उद्यानिकी विकास अधिकारी श्री हर्षेश जाधव ने अश्वगंधा फसल के विपणन की जानकारी दी l सॉलिडरीदाड संस्था से मास्टर ट्रेनर श्री रामबाबू ने किसानों को अश्वगंधा की प्रति एकड़ बीज एवं बाजार हेतु ग्रेडिंग, वर्मी कम्पोस्ट खाद एवं प्राकृतिक रूप तैयार कीट रोधी मिश्रण आदि के बारे में जानकारी दी। श्री शुभम जायसवाल ने फसल अवशेष प्रबंधन की जानकारी साझा की।

प्रशिक्षण में श्री दिलीप सिंह, श्री गजेंद्र सिंह, श्री राजेंद्र सिंह, श्री गजराज सिंह, श्री आत्माराम राठौर, श्री नारायण राठौर सहित ब्लॉक के गणमान्य किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रमाण पत्र एवं किट का वितरण किया गया। आभार प्रदर्शन श्री विजय सोनी कंपाउंडर करोहन ने किया।

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