छत्तीसगढ़ में यूरिया वितरण के नए नियम लागू, जानिए किसानों को कैसे मिलेगा खाद
30 जून 2026, रायपुर: छत्तीसगढ़ में यूरिया वितरण के नए नियम लागू, जानिए किसानों को कैसे मिलेगा खाद – खरीफ सीजन में किसानों को समय पर यूरिया उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने उर्वरक वितरण व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार अब पात्र किसानों को खरीफ 2025 में मिली यूरिया की मात्रा के बराबर ही खरीफ 2026 में भी यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना और उर्वरक वितरण को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाना है।
खरीफ 2025 के बराबर मिलेगा यूरिया
संशोधित निर्देशों के तहत पात्र किसानों को खरीफ 2025 में जितनी मात्रा में यूरिया मिला था, खरीफ 2026 में भी उतनी ही मात्रा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश में यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए पहले लागू कुछ प्रतिबंधों को भी समाप्त कर दिया गया है, जिससे किसानों को खाद प्राप्त करने में आसानी होगी।
स्टॉक उपलब्ध होने पर एकमुश्त मिलेगा यूरिया
नई व्यवस्था के अनुसार यदि संबंधित सहकारी समिति में पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है, तो पात्र किसानों को उनकी निर्धारित मात्रा का पूरा यूरिया एक साथ दिया जाएगा। वहीं, यदि किसी समिति में स्टॉक सीमित है, तो उपलब्ध मात्रा पहले वितरित की जाएगी और शेष यूरिया स्टॉक पहुंचते ही संबंधित किसान को उपलब्ध कराया जाएगा।
डीएपी वितरण व्यवस्था में नहीं होगा कोई बदलाव
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह संशोधित व्यवस्था केवल यूरिया वितरण के लिए लागू होगी। डीएपी उर्वरक के वितरण की वर्तमान व्यवस्था पहले की तरह ही जारी रहेगी। सरकार का उद्देश्य उर्वरकों का संतुलित और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिला प्रशासन और सहकारी समितियों को दिए गए निर्देश
शासन ने सभी जिला कलेक्टरों, कृषि विभाग के अधिकारियों और सहकारी संस्थाओं को संशोधित दिशा-निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि किसानों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार समय पर यूरिया उपलब्ध कराया जाए।
खरीफ फसलों की जरूरत होगी पूरी
राज्य सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से खरीफ फसलों की बुवाई और पोषण संबंधी आवश्यकताओं के लिए किसानों को समय पर यूरिया मिल सकेगा। इससे खेती के दौरान उर्वरक की कमी की स्थिति से बचाव होगा और किसानों को बिना किसी अनावश्यक परेशानी के आवश्यक खाद उपलब्ध हो सकेगी।
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