एग्रीकल्चर मशीन (Agriculture Machinery)राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार में कृषि यंत्रीकरण को बड़ी सौगात: 246 करोड़ रुपये से बढ़ेगी खेती की रफ्तार, किसानों को कृषि यंत्रों पर 80% तक अनुदान

23 जून 2026, पटना: बिहार में कृषि यंत्रीकरण को बड़ी सौगात: 246 करोड़ रुपये से बढ़ेगी खेती की रफ्तार, किसानों को कृषि यंत्रों पर 80% तक अनुदान –  बिहार में कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में कृषि यंत्रीकरण को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने 246 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस राशि से किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराने, ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने तथा सामूहिक कृषि सेवाओं का विस्तार करने की व्यापक योजना तैयार की गई है। इससे खेती की लागत कम होने के साथ उत्पादन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

योजना के तहत राज्य में 480 किसान ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे। इन ड्रोन का उपयोग फसलों पर उर्वरक और कीटनाशकों के सटीक छिड़काव, फसल की निगरानी, रोगों की पहचान तथा खेतों के सर्वेक्षण जैसे कार्यों में किया जाएगा। ड्रोन तकनीक से कम समय में अधिक क्षेत्र में कार्य करना संभव होगा, जिससे श्रम लागत में कमी आएगी और कृषि कार्य अधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावी बनेंगे।

इसके अलावा 267 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए जाएंगे। इन मशीनरी बैंकों में ट्रैक्टर, रोटावेटर, सीड ड्रिल, रीपर, हैप्पी सीडर, पावर टिलर सहित विभिन्न आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध रहेंगे। छोटे और सीमांत किसान, जो स्वयं महंगे कृषि यंत्र खरीदने में सक्षम नहीं हैं, वे इन मशीनों का आवश्यकता अनुसार उपयोग कर सकेंगे। इससे खेती का मशीनीकरण गांव-गांव तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। योजना में 200 कस्टम हायरिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से किसान किराये पर आधुनिक कृषि यंत्र प्राप्त कर सकेंगे। इससे किसानों को महंगे उपकरण खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और कम लागत में समय पर कृषि कार्य संपन्न हो सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि कस्टम हायरिंग सेंटर कृषि यंत्रीकरण को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम साबित होंगे।

इस महत्वाकांक्षी योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों की खरीद पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और छोटे किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आधुनिक कृषि उपकरण केवल बड़े किसानों तक सीमित न रहें, बल्कि हर वर्ग के किसान उनकी सुविधा का लाभ उठा सकें।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक मशीनों और ड्रोन तकनीक के उपयोग से खेती अधिक लाभकारी, टिकाऊ और समयबद्ध बनेगी। श्रमिकों की कमी, बढ़ती लागत और मौसम की अनिश्चितताओं जैसी चुनौतियों से निपटने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही, सटीक कृषि (प्रिसिजन फार्मिंग) को बढ़ावा मिलने से उर्वरकों और कीटनाशकों का संतुलित उपयोग होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

राज्य के किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पात्र किसानों तक पहुंचेगा। यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया, तो बिहार कृषि यंत्रीकरण के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है। आधुनिक तकनीक, पर्याप्त वित्तीय सहायता और सरकारी सहयोग के बल पर राज्य के कृषि क्षेत्र में एक नया परिवर्तन देखने को मिल सकता है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।

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