MP Weather Update: भोपाल-इंदौर समेत कई क्षेत्रों में बारिश, जबलपुर-सागर में तेज आंधी का अलर्ट; मानसून ने बढ़ाई रफ्तार
23 जून 2026, भोपाल: MP Weather Update: भोपाल-इंदौर समेत कई क्षेत्रों में बारिश, जबलपुर-सागर में तेज आंधी का अलर्ट; मानसून ने बढ़ाई रफ्तार – भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय हो रही हैं। बीते 24 घंटों के दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और सागर संभाग के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि नर्मदापुरम, ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग में कहीं-कहीं वर्षा हुई। प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहा।
इस दौरान कई जिलों में तेज हवाएं, आंधी और वज्रपात की घटनाएं भी दर्ज की गईं। जबलपुर में 74 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि सीहोर में 63 किमी और आगर में 59 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके दर्ज किए गए। वहीं नरसिंहपुर जिले में लू का प्रभाव बना रहा।
कहां कितनी हुई बारिश?
प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा शाजापुर जिले के शुजालपुर में 44 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा धार में 43.7 मिमी, बदनावर में 41.2 मिमी, कालापीपल में 36 मिमी, पंधाना में 32 मिमी तथा गौतमपुरा में 30.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
भोपाल में 19.8 मिमी, सीहोर में 22.3 मिमी और बीना में 21.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इंदौर, उज्जैन, खंडवा, हरदा, देवास और बालाघाट सहित कई जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई।
तापमान का हाल: दतिया सबसे गर्म, पचमढ़ी सबसे ठंडा
बीते 24 घंटों में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दतिया में दर्ज किया गया। इसके अलावा सीधी में 41 डिग्री, खजुराहो में 40.6 डिग्री और ग्वालियर में 40.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।
वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में दर्ज किया गया। धार, खंडवा और दमोह भी अपेक्षाकृत ठंडे रहे। मौसम विभाग के अनुसार नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 3.6 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है।
सिनोप्टिक मौसम परिस्थिति: मानसून को मिल रहा मजबूत समर्थन
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 23 जून को आगे बढ़ते हुए मध्य अरब सागर के शेष भागों, मुंबई सहित महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच गया है।
मानसून की उत्तरी सीमा वर्तमान में दहानू, वर्धा, रायपुर, डाल्टनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। अगले 2 से 3 दिनों के दौरान मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश से बिहार तक एक मौसमी ट्रफ सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जबकि उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तरी गुजरात के आसपास भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इन सभी मौसम प्रणालियों का प्रभाव मध्य भारत के मौसम पर पड़ रहा है, जिससे बारिश और आंधी की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
मौसम पूर्वानुमान: कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना जताई है। विशेष रूप से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में मौसम सक्रिय रहने के आसार हैं।
कई क्षेत्रों में बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं कुछ जिलों में गर्मी और उमस का असर भी बना रह सकता है।
इन क्षेत्रों के लिए आंधी-तूफान और तेज हवाओं की चेतावनी
IMD ने सीहोर, जबलपुर और सागर क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, इंदौर, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और मैहर क्षेत्रों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। वहीं सीधी और नरसिंहपुर क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ ऊष्ण लहर (हीट वेव) की स्थिति भी बन सकती है।
किसानों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि बारिश की संभावना को देखते हुए फिलहाल सिंचाई, उर्वरक प्रयोग और कीटनाशकों के छिड़काव से बचें। खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें ताकि जलभराव से फसलों और जड़ों को नुकसान न पहुंचे।
तेज हवाओं को देखते हुए सब्जी फसलों, बेलदार पौधों और युवा फलदार वृक्षों को सहारा देने की सलाह दी गई है। कटाई की गई उपज, बीज, उर्वरक और कृषि यंत्रों को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा तिरपाल से ढककर सुरक्षित करें।
किसानों को यह भी सलाह दी गई है कि आंधी, बारिश और वज्रपात की स्थिति में खुले खेतों में काम न करें। मौसम की ताजा जानकारी लेते रहें और उसी के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाएं। इससे फसलों को नुकसान से बचाया जा सकेगा और उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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