राज्य कृषि समाचार (State News)

MP ने सब्जी उत्पादन में मारी छलांग: 4 वर्षों में 21.58 लाख टन का रिकॉर्ड इजाफा, देश में तीसरे स्थान पर पहुंचा

12 जून 2026, भोपाल: MP ने सब्जी उत्पादन में मारी छलांग: 4 वर्षों में 21.58 लाख टन का रिकॉर्ड इजाफा, देश में तीसरे स्थान पर पहुंचा – मध्यप्रदेश आज कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि, कृषि का विविधीकरण और खेती को अधिक लाभकारी बनाना है। मुख्यमंत्री का मानना है कि कृषि को केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसके साथ उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण को भी समान रूप से बढ़ावा देना जरूरी है।

पिछले चार वर्षों में प्रदेश में सब्जी उत्पादन में लगभग 21.58 लाख मीट्रिक टन की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसी के साथ मध्यप्रदेश देश में सब्जी उत्पादन के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है, जो राज्य की कृषि प्रगति को दर्शाता है।

सब्जी उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अनुसार “समृद्ध किसान-समृद्ध मध्यप्रदेश” की थीम पर सब्जी क्षेत्र विस्तार की व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। प्रदेश की अनुकूल जलवायु, उपजाऊ भूमि, सिंचाई संसाधनों का विस्तार और किसानों द्वारा आधुनिक तकनीकों को अपनाने के कारण सब्जी उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है।

वर्ष 2022-23 में मध्यप्रदेश में सब्जियों का उत्पादन 236.41 लाख मीट्रिक टन था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 257.99 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया। यह वृद्धि राज्य के कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र की मजबूत प्रगति को दर्शाती है।

देश के कुल उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान

राष्ट्रीय स्तर पर देश में सब्जियों का कुल उत्पादन लगभग 2177 लाख मीट्रिक टन है, जिसमें मध्यप्रदेश का योगदान लगभग 259 लाख मीट्रिक टन है। इससे स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्य के लाखों किसान सब्जी उत्पादन के माध्यम से अपनी आय भी बढ़ा रहे हैं और देश की बढ़ती मांग को पूरा कर रहे हैं।

विभिन्न सब्जियों का बड़े पैमाने पर उत्पादन

प्रदेश में किसान प्याज, आलू, टमाटर, बैंगन, फूलगोभी, पत्ता गोभी, हरी मटर, भिंडी, पालक, लौकी, करेला, मूली, गाजर, शिमला मिर्च सहित अनेक प्रकार की सब्जियों का उत्पादन करते हैं। इनमें प्याज की खेती का विशेष महत्व है और यह सबसे बड़े क्षेत्र में की जाने वाली फसल है।

वर्ष 2022-23 में प्याज का रकबा 2.17 लाख हेक्टेयर था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर लगभग 2.30 लाख हेक्टेयर हो गया है। यह वृद्धि किसानों के बढ़ते विश्वास और बाजार में मांग को दर्शाती है।

छोटे किसानों के लिए बड़ा अवसर
प्रदेश में छोटी जोत वाले किसानों को सब्जी उत्पादन की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि कम भूमि में अधिक आय प्राप्त की जा सके। सब्जी उत्पादन इस दृष्टि से सबसे प्रभावी विकल्प माना जा रहा है, इसलिए “किसान कल्याण वर्ष” में इसे विशेष प्राथमिकता दी गई है।

54 हजार हेक्टेयर में होगा सब्जी क्षेत्र विस्तार

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की कार्ययोजना के तहत प्रदेश में 54 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जियों का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें शामिल है—

  • 13,300 हेक्टेयर में आलू
  •  9,800 हेक्टेयर में टमाटर
  • 16,500 हेक्टेयर में प्याज
  •  3,500 हेक्टेयर में मटर
  • 3,500 हेक्टेयर में फूलगोभी एवं पत्ता गोभी
  • 1,200 हेक्टेयर में उच्च मूल्य वाली सब्जियां
  •  6,200 हेक्टेयर में कद्दूवर्गीय सब्जियां

इस योजना के माध्यम से किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, गुणवत्तायुक्त पौध सामग्री, आधुनिक कृषि तकनीक और विपणन सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

रोजगार और आय दोनों में बढ़ोतरी

सब्जी उत्पादन में वृद्धि से किसानों को वर्षभर नियमित आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। साथ ही यह क्षेत्र ग्रामीण स्तर पर रोजगार सृजन का भी बड़ा माध्यम बन रहा है। उत्पादन, परिवहन, भंडारण और विपणन से जुड़े हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह के नेतृत्व में विभाग किसानों को आधुनिक तकनीक, संरक्षित खेती, सूक्ष्म सिंचाई और उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के उपयोग के लिए लगातार प्रेरित कर रहा है। उद्देश्य यह है कि किसान कम भूमि में अधिक लाभ अर्जित कर सकें।

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