अब मंडी जाने से पहले किसान जान सकेंगे भाव, यूपी की 251 मंडियां एगमार्कनेट 2.0 से जुड़ीं
03 अक्टूबर 2026, लखनऊ: अब मंडी जाने से पहले किसान जान सकेंगे भाव, यूपी की 251 मंडियां एगमार्कनेट 2.0 से जुड़ीं – किसानों को कृषि उपज के बेहतर बाजार भाव की जानकारी उपलब्ध कराने और मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में उत्तर प्रदेश ने डिजिटल स्तर पर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश की सभी 251 कृषि उपज मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार सूचना नेटवर्क ‘एगमार्कनेट 2.0’ से जोड़ दिया गया है। उत्तर प्रदेश मंडी परिषद के ई-मंडी पोर्टल का एपीआई आधारित एकीकरण पूरा होने के बाद सभी मंडियों से शत-प्रतिशत मार्केट रिपोर्टिंग सुनिश्चित होने का दावा किया गया है।
इस व्यवस्था के बाद प्रदेश की मंडियों में विभिन्न कृषि जिंसों की आवक और उनके बाजार भाव की जानकारी राष्ट्रीय स्तर के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेगी। इससे किसान अलग-अलग मंडियों के भाव और आवक की स्थिति की तुलना कर सकेंगे। उपज बेचने से पहले बाजार की स्थिति की जानकारी मिलने पर किसानों को अपने विपणन से जुड़े निर्णय लेने में सुविधा होगी।
भाव और आवक की जानकारी एक मंच पर
उत्तर प्रदेश मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार मंडी व्यवस्था में तकनीक का उपयोग बढ़ाकर किसानों और व्यापारियों तक सेवाओं तथा बाजार सूचनाओं की पहुंच आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है। ई-मंडी व्यवस्था के माध्यम से मंडियों की विभिन्न प्रक्रियाओं को पहले ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा चुका है। अब एगमार्कनेट 2.0 के साथ एकीकरण से मंडियों में दर्ज होने वाले भाव और आवक के आंकड़े राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध हो रहे हैं।इसका लाभ केवल किसानों तक सीमित नहीं रहेगा। व्यापारी भी विभिन्न मंडियों में कृषि उपज की आवक और कीमतों की स्थिति समझ सकेंगे। वहीं नियमित आंकड़े कृषि बाजार के रुझानों के अध्ययन और नीतिगत निर्णयों के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं।
शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता
सभी 251 मंडियों से 100 प्रतिशत मार्केट रिपोर्टिंग सुनिश्चित होना इस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मंडियों से नियमित रूप से भाव और आवक की जानकारी उपलब्ध होने से कृषि बाजार की तस्वीर अधिक व्यवस्थित रूप में सामने आएगी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव चिन्मय गोटमारे ने सभी मंडियों के सफल एपीआई एकीकरण और शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग की सराहना की है।
क्या है एगमार्कनेट 2.0
एगमार्कनेट यानी एग्रीकल्चरल मार्केटिंग इन्फॉर्मेशन नेटवर्क कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसके माध्यम से देश की कृषि मंडियों में विभिन्न जिंसों की आवक और बाजार भाव से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। उत्तर प्रदेश के ई-मंडी पोर्टल के एपीआई एकीकरण के बाद प्रदेश की मंडियों से संबंधित आंकड़े सीधे इस राष्ट्रीय नेटवर्क तक पहुंच सकेंगे।
डिजिटल व्यवस्था का वास्तविक लाभ तभी किसानों तक पहुंचेगा, जब उन्हें समय पर सही और उपयोगी बाजार सूचना आसानी से मिल सके। ऐसे में 251 मंडियों का एकीकरण किसानों के लिए बाजार की जानकारी को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
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