नमो ड्रोन दीदी योजना से बदली खेती की तस्वीर, गोदावरी साहू एक दिन में 20-25 एकड़ में कर रहीं छिड़काव
03 अक्टूबर 2026, रायपुर: नमो ड्रोन दीदी योजना से बदली खेती की तस्वीर, गोदावरी साहू एक दिन में 20-25 एकड़ में कर रहीं छिड़काव – छत्तीसगढ़ सरकार की नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत स्व-सहायता समूह की महिलाओं को ड्रोन तकनीक से जोड़कर उन्हें कृषि सेवाओं के लिए सशक्त किया जा रहा है। योजना के तहत चयनित महिलाओं और समूहों को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देने के साथ ड्रोन और सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। ड्रोन से जुड़े खर्चों को कम करने के लिए वित्तीय सहायता भी दी जाती है।
मुंगेली जिले की नगर पंचायत सरगांव की नमो ड्रोन दीदी गोदावरी साहू बिहान के तहत जय माता दी महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि नमो ड्रोन योजना के तहत इफको के माध्यम से उन्हें ग्वालियर में 15 दिन का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान थ्योरी और प्रैक्टिकल के साथ ग्राउंड लेवल पर ड्रोन संचालन की जानकारी दी गई। इसके बाद फूलपुर में ड्रोन तकनीक को लेकर 5 दिवसीय प्रशिक्षण भी मिला।
ड्रोन से नैनो यूरिया और कीटनाशक का छिड़काव
प्रशिक्षण के बाद गोदावरी साहू अब ड्रोन के माध्यम से किसानों के खेतों में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और कीटनाशक का छिड़काव कर रही हैं। उनके मुताबिक इससे किसानों के समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि ड्रोन की मदद से एक दिन में 20 से 25 एकड़ खेत में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा सकता है। इससे किसानों को श्रमिकों को दिए जाने वाले खर्च में बचत होती है और कम समय में काम पूरा हो जाता है।
गन्ने की फसल में भी आसान हुआ छिड़काव
गांव के एक किसान ने बताया कि पहले वह कृषि यंत्र स्प्रेयर के जरिए गन्ने की फसल में दवा का छिड़काव करते थे। गन्ने की ऊंचाई अधिक होने के कारण उन्हें फसल के बीच जाकर दवा का छिड़काव करना पड़ता था। इसमें काफी समय लगता था और कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब ड्रोन के जरिए कम समय और कम खर्च में फसल में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। किसान ने कहा कि ड्रोन दीदी के रूप में उन्हें एक मददगार विकल्प मिला है।
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