मध्यप्रदेश में मानसून की दस्तक तेज, कई जिलों में झमाझम बारिश; भोपाल-जबलपुर समेत कई क्षेत्रों में आंधी का अलर्ट
24 जून 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में मानसून की दस्तक तेज, कई जिलों में झमाझम बारिश; भोपाल-जबलपुर समेत कई क्षेत्रों में आंधी का अलर्ट – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार मध्यप्रदेश में मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय होती जा रही हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश दर्ज की गई, जबकि इंदौर, उज्जैन और जबलपुर संभाग के जिलों में कई स्थानों पर वर्षा हुई। वहीं ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कुछ इलाकों में भी बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के शेष हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहा।
बारिश के साथ कई जिलों में तेज हवाएं, आंधी और वज्रपात की गतिविधियां भी देखने को मिलीं। इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, चंबल और जबलपुर संभाग के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई। वहीं बालाघाट जिले में ओलावृष्टि की भी सूचना मिली है।
छिंदवाड़ा में सबसे ज्यादा बारिश, सीधी-दतिया सबसे गर्म
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में छिंदवाड़ा जिले के चांद क्षेत्र में सर्वाधिक 75.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा रहटगढ़ में 60.2 मिमी, लखनादौन में 56.2 मिमी, पांढुर्णा में 53 मिमी और नटेरन में 52 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस सीधी और दतिया में दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
खजुराहो में न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा ग्वालियर, सीधी, रीवा और नौगांव में भी रात का तापमान सामान्य से अधिक रिकॉर्ड किया गया।
प्रदेश में तेज हवाओं का असर
पिछले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में तेज झोंकेदार हवाएं चलीं। जबलपुर में 56 किलोमीटर प्रति घंटा, नरसिंहपुर में 54 किलोमीटर प्रति घंटा, सीहोर में 52 किलोमीटर प्रति घंटा तथा भोपाल में 46 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं दर्ज की गईं। इसके अलावा ग्वालियर, आगर, अशोकनगर, बैतूल और विदिशा सहित कई जिलों में भी तेज हवाओं का प्रभाव रहा।
मानसून ने बढ़ाया दायरा
मौसम विभाग के अनुसार 24 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर-पूर्वी अरब सागर, गुजरात, मध्यप्रदेश के कुछ और हिस्सों, महाराष्ट्र के शेष क्षेत्रों तथा छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ भागों तक आगे बढ़ गया है।
विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों के दौरान मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी रहेंगी। इसके बाद मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त क्षेत्रों में भी मानसून की प्रगति होने की संभावना है।
इन मौसमी प्रणालियों से बन रहा बारिश का माहौल
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान से लेकर गंगीय पश्चिम बंगाल तक एक मौसमी ट्रफ सक्रिय है, जो उत्तरी मध्यप्रदेश, दक्षिणी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड से होकर गुजर रही है। इसके अलावा मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
इसी प्रणाली से जुड़ी एक ट्रफ मध्यप्रदेश से होते हुए पूर्व-मध्य अरब सागर तक विस्तृत है, जिसके कारण प्रदेश में नमी की आपूर्ति बनी हुई है। वहीं हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है, जिसका प्रभाव मौसम पर पड़ रहा है।
इन जिलों के लिए बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग ने सीहोर और जबलपुर जिलों में कहीं-कहीं 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने, गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।
इसके अलावा बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन और सिवनी जिलों में भी गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं सीधी जिले में कहीं-कहीं ऊष्ण लहर (हीटवेव) की स्थिति बनने की चेतावनी भी दी गई है।
किसानों के लिए सलाह
कृषि विशेषज्ञों और मौसम विभाग ने किसानों को मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है। जिन क्षेत्रों में बारिश की संभावना है वहां किसान खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें। गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खेतों में काम करने से बचें तथा कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखें।
जिन किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी कर ली है, वे स्थानीय मौसम की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग की सलाह के अनुसार बुवाई कार्य करें। तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में फसलों, सब्जियों और बागवानी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक प्रबंध करने की भी सलाह दी गई है।
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