राज्य कृषि समाचार (State News)

मानसून की विदाई में देरी हुई, खेतों में पानी भरने से सोयाबीन भी खराब हुई

16 अक्टूबर 2024, इंदौर-उज्जैन: मानसून की विदाई में देरी हुई, खेतों में पानी भरने से सोयाबीन भी खराब हुई – मध्य प्रदेश के साथ ही विशेषकर इंदौर उज्जैन या फिर मालवांचल में मानसून की विदाई में देरी हुई है और यही कारण है कि बीते दो तीन दिनों में बारिश होने का सिलसिला जारी रहा वहीं खेतों में पानी भरने के कारण सोयाबीन भी खराब होने की जानकारी मिली है।

प्रदेश में मानसून की विदाई में देरी हुई है। हाल के दिनों में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन संभागों में अच्छी बारिश हुई। बारिश का आंकड़ा सुधारने में इससे भले ही मदद मिली हो, लेकिन फसलों को हुए नुकसान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग केंद्र भोपाल के अनुसार, रिमझिम बौछारों के साथ  दो दिनों के अंदर  प्रदेश के कई संभागों से मानसून की विदाई हो जाएगी। हवाओं के बार-बार दिशाओं के बदलने की वजह से गरज-चमक के साथ प्रदेश के कई संभागों में बारिश हो रही है। अगले चौबीस घंटों के दौरान प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल आदि संभागों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना जताई गई है। वहीं आसमान में छाए बादलों की वजह से दिन के तापमान में गिरावट और न्यूनतम तापमान थोड़ा ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। मानसून की विदाई के दौर में भी बारिश का क्रम चलने से खरीफ फसलों पर विपरीत असर पड़ रहा है। जिन किसानों की सोयाबीन फसल किसी कारण से अब तक नहीं कटी है, उनको भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ दिन पहले हुई बारिश के कारण निचले हिस्से वाले कई खेतों में सोयाबीन की पकी फसल में पानी भर गया है। क्वार महीने में नवरात्रि के आसपास आमतौर पर वर्षा समाप्त हो जाती है लेकिन इस वर्ष यह क्रम बना हुआ है। पानी भरने के कारण पकी फसल की कटाई भी करना आसान नहीं है, ऐसे में किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा। पहले ही उत्पादन कम हो रहा है जिससे किसान निराश हैं।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement