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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में मानसून की आहट, ग्वालियर-भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में बारिश- तेज हवाओं का अलर्ट; IMD ने जारी की चेतावनी

16 जून 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में मानसून की आहट, ग्वालियर-भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में बारिश- तेज हवाओं का अलर्ट; IMD ने जारी की चेतावनी – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान भोपाल संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर जबकि नर्मदापुरम संभाग में कई जगहों पर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग के कुछ जिलों में भी वर्षा हुई। कई क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाएं और आंधी का असर देखने को मिला। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताते हुए चेतावनी जारी की है।

कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर

प्रदेश में सबसे अधिक 60 मिमी बारिश देवास जिले के खातेगांव में दर्ज की गई। इसके अलावा बरेली में 28 मिमी, बैरसिया में 26.4 मिमी, तामिया में 25 मिमी, मुंगावली में 24 मिमी और घोड़ाडोंगरी व इछावर में 20-20 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। भोपाल में 14.7 मिमी बारिश दर्ज हुई।

तेज हवाओं की बात करें तो सीहोर में 56 किमी प्रति घंटा, भोपाल में 55 किमी प्रति घंटा और सागर में 52 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। वहीं कई जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा की गतिविधियां दर्ज की गईं। रायसेन जिले में धूलभरी आंधी का भी असर देखा गया।

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तापमान की बात करें तो प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस खजुराहो (छतरपुर) में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में रिकॉर्ड हुआ।

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मानसून की प्रगति और मौसम प्रणाली सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा लगातार आगे बढ़ रही है। अगले 4 से 5 दिनों के दौरान मध्य अरब सागर, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

वर्तमान में पंजाब से हरियाणा, उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक एक मौसमी ट्रफ सक्रिय है। हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के आसपास चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश से पूर्वी मध्यप्रदेश, विदर्भ और तेलंगाना तक एक ट्रफ लाइन भी सक्रिय है, जिसके प्रभाव से प्रदेश में मौसम गतिविधियां बनी हुई हैं। इसके अलावा 18 जून से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है।

इन जिलों के लिए चेतावनी जारी

मौसम विभाग ने भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, इंदौर, देवास, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, अनूपपुर, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

किसानों के लिए विशेष सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि बारिश के दौरान सिंचाई, उर्वरक प्रयोग और पौध संरक्षण रसायनों के छिड़काव से बचें। खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें ताकि जलभराव से फसलों को नुकसान न पहुंचे। तेज हवाओं को देखते हुए सब्जी फसलों, बेलदार पौधों और युवा फलदार पौधों को सहारा दें। कटाई की गई उपज, बीज, उर्वरक और कृषि यंत्रों को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा तिरपाल से ढककर बचाव करें।

इसके अलावा पशुओं को सुरक्षित और हवादार स्थानों पर रखने, बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों में काम न करने तथा मौसम की ताजा जानकारी के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। विभाग ने कहा है कि बारिश या ओलावृष्टि के बाद फसलों का निरीक्षण कर आवश्यक पौध संरक्षण उपाय अपनाएं, ताकि कीट एवं रोगों के प्रकोप से बचा जा सके।

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