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राज्य कृषि समाचार (State News)

संतुलित उर्वरक उपयोग पर किसानों को किया जागरूक

02 जून 2026, सलूम्बर: संतुलित उर्वरक उपयोग पर किसानों को किया जागरूक – हात्मा गांधी नरेगा ग्राम (MGMG) एवं संतुलित उर्वरक उपयोग विषय पर बनोड़ा गांव, सलूम्बर तहसील में किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 150 से अधिक किसानों ने भाग लिया, जिनमें 109 महिला एवं 41 पुरुष किसान शामिल रहे। कार्यक्रम में वार्ड पंच भंवरलाल मीणा, कालूलाल मेघवाल एवं नारायण मेघवाल भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में किसानों को आगामी खरीफ फसलों विशेषकर मक्का एवं सोयाबीन में रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में लगभग 50 प्रतिशत तक कमी लाने तथा इसकी पूर्ति फसल अवशेष एवं गोबर खाद के माध्यम से करने की सलाह दी गई। वैज्ञानिकों ने बताया कि उर्वरकों का बैंड प्लेसमेंट करने से उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ती है तथा लागत में कमी आती है।

प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आर. पी. शर्मा ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग अपनाने का आह्वान करते हुए उद्यानिकी फसलों में पोटाश उर्वरकों के उपयोग से फल गुणवत्ता एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की जानकारी दी। उन्होंने खाद्यान्न फसलों में जिंक सल्फेट (ZnSO₄) के उपयोग से उत्पादन वृद्धि तथा मानव एवं पशुओं में कुपोषण कम करने में मिट्टी पोषण की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

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वैज्ञानिक डॉ. आर. एस. मीणा ने दलहनी फसलों को खेती प्रणाली में शामिल करने से मिट्टी में जैविक नत्रजन स्थिरीकरण के लाभ बताए। वहीं वैज्ञानिक डॉ. बृजेश यादव ने किसानों को सोयाबीन बीजोपचार हेतु राइजोबियम कल्चर प्रयोग की विधि का प्रदर्शन कर जानकारी दी।

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कार्यक्रम के दौरान किसानों ने लोबिया उत्पादन प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड अनुशंसाओं एवं उर्वरक प्रबंधन से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका वैज्ञानिकों द्वारा समाधान किया गया। किसानों ने जैविक खेती एवं संतुलित पोषण प्रबंधन अपनाने में रुचि दिखाई।

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