राज्य कृषि समाचार (State News)

अगस्त में गेंदे की खेती से बढ़ सकती है किसान की कमाई, त्योहारों में बढ़ जाती है मांग

14 अगस्त 2026, भोपाल: अगस्त में गेंदे की खेती से बढ़ सकती है किसान की कमाई, त्योहारों में बढ़ जाती है मांग – अगर आप किसान हैं और कम अवधि में तैयार होने वाली ऐसी फसल की तलाश में हैं, जिसकी बाजार में अच्छी मांग रहती हो, तो अगस्त का महीना गेंदे की खेती के लिए उपयोगी हो सकता है। आने वाले महीनों में नवरात्रि, दशहरा, दीपावली और विवाह समारोहों का सीजन शुरू होने के साथ फूलों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में गेंदे की खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का अच्छा अवसर बन सकती है।

गेंदे के फूल का इस्तेमाल केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। मंदिरों, घरों, दुकानों और वाहनों की सजावट के अलावा फूलों की मालाएं और अन्य सजावटी सामग्री तैयार करने में भी इसका बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। त्योहारों और मांगलिक अवसरों पर इसकी मांग अचानक बढ़ने के कारण बाजार में कीमतों में भी तेजी देखने को मिल सकती है।

कम समय में तैयार हो सकती है फसल

गेंदे की खेती की एक खासियत यह है कि इसे अपेक्षाकृत कम अवधि में तैयार किया जा सकता है। अगस्त में मौसम को ध्यान में रखते हुए किसान इसकी रोपाई की तैयारी कर सकते हैं। सही किस्म, अच्छी पौध, खेत की तैयारी और सिंचाई व्यवस्था का ध्यान रखा जाए तो आने वाले त्योहारों के आसपास फूलों की तुड़ाई शुरू होने का अवसर मिल सकता है।

हालांकि, गेंदे की खेती को पूरी तरह जोखिम रहित मानना उचित नहीं होगा। बारिश की अधिकता, जलभराव, कीट एवं रोग और बाजार भाव में उतार-चढ़ाव उत्पादन तथा मुनाफे को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था और समय पर फसल प्रबंधन बेहद जरूरी है।

त्योहारों में बढ़ती है मांग

गेंदे के फूल की मांग सामान्य दिनों में भी बनी रहती है, लेकिन नवरात्रि, दशहरा और दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान इसकी मांग कई गुना बढ़ सकती है। इसके अलावा शादी-ब्याह के मौसम में भी फूलों और मालाओं की खपत बढ़ जाती है। पूजा स्थलों से लेकर घरों और बाजारों की सजावट तक गेंदे का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है।

यही कारण है कि किसान त्योहारों की मांग को ध्यान में रखते हुए फसल का समय तय करने की कोशिश करते हैं। यदि उत्पादन सही समय पर बाजार में पहुंचता है और स्थानीय मंडी या फूल व्यापारियों से बेहतर भाव मिल जाता है तो सामान्य फसलों की तुलना में अतिरिक्त आय का अवसर बन सकता है।

कमाई जमीन और बाजार पर निर्भर

गेंदे की खेती से लाखों रुपये की कमाई के दावे अक्सर सामने आते हैं, लेकिन वास्तविक आमदनी कई बातों पर निर्भर करती है। इसमें खेत का रकबा, पौधों की संख्या, फूलों की पैदावार, खेती की लागत, स्थानीय बाजार भाव और बिक्री का समय सबसे महत्वपूर्ण हैं।

इसलिए किसान केवल संभावित मुनाफे को देखकर खेती शुरू करने के बजाय पहले स्थानीय बाजार में फूलों की मांग, खरीदारों और मंडी भाव की जानकारी जरूर लें। उचित योजना और बाजार की समझ के साथ अगस्त में गेंदे की खेती आने वाले त्योहारों के दौरान किसानों के लिए कम समय में अतिरिक्त आमदनी का अच्छा विकल्प बन सकती है।

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