मछुआरों को मिलेगा आसान ऋण और बीमा, NFDP पर 35.85 लाख हितधारक हुए पंजीकृत
14 अगस्त 2026, नई दिल्ली: मछुआरों को मिलेगा आसान ऋण और बीमा, NFDP पर 35.85 लाख हितधारक हुए पंजीकृत – सरकार मछली पालन क्षेत्र को मजबूत करने और मछुआरों, मछली पालकों, मछली विक्रेताओं तथा अन्य हितधारकों को वित्तीय एवं डिजिटल सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने के लिए तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रही है। इसी दिशा में राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) के तहत अब तक 35.85 लाख मछुआरे, मछली पालक, मछली विक्रेता और अन्य हितधारक पंजीकृत हो चुके हैं।
ऋण और बीमा तक पहुंच होगी आसान
NFDP का उद्देश्य मत्स्य पालन क्षेत्र के सभी हितधारकों के लिए कार्य-आधारित डिजिटल पहचान और डेटाबेस तैयार कर भारतीय मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि क्षेत्र का औपचारिककरण करना है। यह प्लेटफॉर्म संस्थागत ऋण तक पहुंच, मत्स्य सहकारी समितियों को मजबूत करने, जलीय कृषि बीमा को बढ़ावा देने, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन, मत्स्य पालन की ट्रेसबिलिटी तथा प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण जैसी सुविधाओं के लिए एक ही स्थान पर समाधान उपलब्ध कराता है।
ऑनलाइन उपलब्ध है आवेदन प्रक्रिया
प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) के तहत मिलने वाले वित्तीय और तकनीकी लाभों तक आसान पहुंच के लिए लक्षित लाभार्थियों की आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई है। PM-MKSSY को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत वित्त वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक चार वर्ष की अवधि के लिए लागू किया जा रहा है। इस उप-योजना का अनुमानित व्यय 6,000 करोड़ रुपये है।
12 राष्ट्रीयकृत बैंक NFDP से जुड़े
PM-MKSSY के घटक 1-A के तहत मछुआरों, मछली पालकों, मछली कामगारों, मछली विक्रेताओं तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों की संस्थागत ऋण तक पहुंच बढ़ाने का प्रावधान है। इसके लिए NFDP के अंतर्गत 12 राष्ट्रीयकृत बैंकों को शामिल किया गया है। NFDP के माध्यम से प्राप्त प्रारंभिक आवेदन संबंधित बैंकों को भेजे जाते हैं और बैंक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई करते हैं। सफल ऋण के लिए पात्र लाभार्थियों को 5,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है।
मत्स्यपालन बीमा पर 40% प्रोत्साहन
PM-MKSSY के घटक 1-B के तहत किसानों को मत्स्यपालन बीमा खरीदने के लिए एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह प्रोत्साहन भुगतान किए गए बीमा प्रीमियम का 40 प्रतिशत है। इसकी अधिकतम सीमा 25,000 रुपये प्रति हेक्टेयर या अधिकतम 4 हेक्टेयर जल क्षेत्र के लिए प्रति किसान 1 लाख रुपये है।
फार्म, केज कल्चर, RAS, बायोफ्लॉक और रेसवे जैसी गहन मत्स्यपालन प्रणालियों के लिए भी भुगतान किए गए प्रीमियम का 40 प्रतिशत प्रोत्साहन दिया जाता है। इसकी अधिकतम सीमा 1,800 वर्ग मीटर क्षेत्र के लिए प्रति किसान 1 लाख रुपये है। इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला लाभार्थियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाता है।
NFDP का शुभारंभ सितंबर 2024 में
प्रधानमंत्री-एमकेएसएसवाई के तहत राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) का शुभारंभ 11 सितंबर 2024 को किया गया था। इसका उद्देश्य मत्स्य पालन क्षेत्र से जुड़े लोगों को डिजिटल पहचान प्रदान करने के साथ उन्हें ऋण, बीमा, प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है। यह जानकारी मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने दी।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

