474वीं पंजीकरण समिति बैठक में 3 नए कृषि-रसायन फॉर्मुलेशन को मंजूरी
13 अगस्त 2026, नई दिल्ली: 474वीं पंजीकरण समिति बैठक में 3 नए कृषि-रसायन फॉर्मुलेशन को मंजूरी – भारत की पंजीकरण समिति (आरसी) ने 30 जुलाई 2026 को हुई अपनी 474वीं बैठक में तीन नए कृषि-रसायन फॉर्मुलेशन के स्वदेशी निर्माण के लिए पंजीकरण को मंजूरी दी। ये मंजूरियां कीटनाशक अधिनियम, 1968 की धारा 9(3) के तहत दी गई हैं।
बैठक की अध्यक्षता कृषि आयुक्त एवं पंजीकरण समिति के अध्यक्ष डॉ. पी. के. सिंह ने की। बैठक का आयोजन फरीदाबाद स्थित पौध संरक्षण, संगरोध एवं भंडारण निदेशालय (डीपीपीक्यूएस) के पीपीए सचिवालय में किया गया।
474वीं आरसी बैठक में प्रमुख मंजूरियां
| कंपनी | कृषि-रसायन फॉर्मुलेशन | फसल | अनुमोदित उपयोग |
|---|---|---|---|
| निचिनो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड | फ्लूबेंडियामाइड 5.75% + इमामेक्टिन बेंजोएट 1.92% एमई | मक्का, सोयाबीन | मक्का में फॉल आर्मीवर्म और तना छेदक; सोयाबीन में तना मक्खी, सेमी लूपर और फली छेदक |
| कृषि रसायन एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड | एजोक्सीस्ट्रोबिन 5% + आइसोप्रोथायोलेन 18% + वैलिडामाइसिन 3.5% डब्ल्यूडीजी | धान | ब्लास्ट और शीथ ब्लाइट रोग के नियंत्रण के लिए |
| बायर क्रॉपसाइंस लिमिटेड | एथिप्रोल 16.95% + बेंज़पाइरिमोक्सान 25.42% एससी | धान | भूरा माहू, सफेद पीठ वाला माहू और हरा माहू के नियंत्रण के लिए |
मक्का और सोयाबीन के लिए नया फॉर्मुलेशन
निचिनो इंडिया के फॉर्मुलेशन को मक्का में फॉल आर्मीवर्म और तना छेदक, जबकि सोयाबीन में तना मक्खी, सेमी लूपर और फली छेदक के नियंत्रण के लिए मंजूरी मिली है। पंजीकरण अधिकतम अवशेष सीमा (एमआरएल) निर्धारित किए जाने की शर्त के अधीन है और इसकी अस्थायी शेल्फ लाइफ दो वर्ष रखी गई है।
कंपनी को प्रस्तावित फॉर्मुलेशन और बिक्री कंटेनर में कम से कम 30 महीने की वास्तविक भंडारण स्थिरता का अध्ययन डेटा निर्धारित अवधि में प्रस्तुत करना होगा। लेबल पर मछलियों और जलीय जीवों के लिए विषाक्तता तथा गर्भवती महिलाओं और गर्भधारण की योजना बना रही महिलाओं के लिए सावधानी संबंधी चेतावनी भी अनिवार्य होगी।
धान के रोगों के लिए फॉर्मुलेशन को मंजूरी
कृषि रसायन एक्सपोर्ट्स के एजोक्सीस्ट्रोबिन, आइसोप्रोथायोलेन और वैलिडामाइसिन आधारित फॉर्मुलेशन को धान में ब्लास्ट और शीथ ब्लाइट के नियंत्रण के लिए मंजूरी दी गई है। इसकी शेल्फ लाइफ दो वर्ष निर्धारित की गई है।
लेबल पर मछलियों, जलीय जीवों, मधुमक्खियों और केंचुओं के लिए विषाक्तता संबंधी चेतावनी तथा आंखों में जलन होने की स्थिति में सुरक्षा संबंधी निर्देश शामिल करने होंगे।
धान के माहू नियंत्रण के लिए बायर फॉर्मुलेशन
बायर क्रॉपसाइंस के एथिप्रोल और बेंज़पाइरिमोक्सान फॉर्मुलेशन को धान में भूरे माहू, सफेद पीठ वाले माहू और हरे माहू के नियंत्रण के लिए मंजूरी दी गई है।
यह मंजूरी भी एमआरएल निर्धारित किए जाने की शर्त के अधीन है और फॉर्मुलेशन की अस्थायी शेल्फ लाइफ दो वर्ष है। कंपनी को 30 महीने की वास्तविक भंडारण स्थिरता का अध्ययन डेटा प्रस्तुत करना होगा।
आरसी ने इस फॉर्मुलेशन के लेबल पर श्वसन विषाक्तता और त्वचा में संवेदनशीलता पैदा करने की क्षमता से संबंधित सावधानियां तथा मछलियों और मधुमक्खियों के लिए विषाक्तता संबंधी चेतावनी शामिल करने का निर्देश दिया है।
पंजीकरण समिति की 474वीं बैठक में डीपीपीक्यूएस, केंद्रीय कीटनाशी बोर्ड एवं पंजीकरण समिति (सीआईबी एंड आरसी), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और अन्य संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ शामिल हुए।
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