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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

क्रॉपलाइफ इंडिया ने 13 राज्यों में अवैध कीटनाशकों के खिलाफ डिजिटल जागरूकता अभियान शुरू किया

12 अगस्त 2026, नई दिल्ली: क्रॉपलाइफ इंडिया ने 13 राज्यों में अवैध कीटनाशकों के खिलाफ डिजिटल जागरूकता अभियान शुरू किया – क्रॉपलाइफ इंडिया ने किसानों को अवैध एवं गैर-अधिकृत कीटनाशकों की पहचान और उनसे बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए एक डिजिटल जागरूकता अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत 13 राज्यों में 25 लाख से अधिक किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

अभियान का औपचारिक शुभारंभ कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने किया। अभियान की थीम “जागरूक किसान बनें, असली कीटनाशक चुनें” रखी गई है।

यह अभियान बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात में चलाया जाएगा। किसानों तक अभियान के संदेश हिंदी, तेलुगु, मराठी, तमिल और पंजाबी भाषाओं में पहुंचाए जाएंगे।

अभियान का उद्देश्य किसानों को असली और गुणवत्तापूर्ण कीटनाशकों की पहचान करने, अवैध या गैर-अधिकृत उत्पादों से बचने तथा सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से फसल सुरक्षा उत्पादों के इस्तेमाल के बारे में जानकारी देना है। किसानों को अधिकृत एवं विश्वसनीय स्रोतों से कीटनाशक खरीदने और प्रत्येक खरीद पर बिल या चालान लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

अभियान के शुभारंभ के अवसर पर रामनाथ ठाकुर ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण और असली कृषि इनपुट की पहचान के बारे में जागरूक करना फसल सुरक्षा, उत्पादकता और किसानों की आय के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, “किसान भारत की कृषि प्रगति के केंद्र में हैं। असली कृषि इनपुट की पहचान करने के तरीके के बारे में किसानों को जागरूक करना उनकी फसलों की सुरक्षा, उत्पादकता बढ़ाने और उनकी आजीविका को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक है।”

मंत्री ने कहा कि अवैध कीटनाशकों की समस्या से निपटने के लिए किसानों, निर्माताओं, डीलरों, वैज्ञानिकों और सरकारी एजेंसियों सहित सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों तक असली उत्पादों, सुरक्षित उपयोग और जिम्मेदार फसल सुरक्षा के बारे में जानकारी पहुंचाने के लिए अभियान की सराहना की।

कीटनाशक फसलों को कीट एवं रोगों से बचाने और उत्पादन में होने वाले नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में किसानों के लिए गुणवत्तापूर्ण और असली उत्पादों की उपलब्धता के साथ-साथ उनके सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग की जानकारी भी जरूरी है।

क्रॉपलाइफ इंडिया के अनुसार, अवैध कीटनाशक फसल सुरक्षा प्रयासों को प्रभावित कर सकते हैं और किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। अभियान के माध्यम से किसानों से “जागरूक किसान बनें, असली कीटनाशक चुनें” का संदेश अपनाने और विश्वसनीय एवं अधिकृत स्रोतों से उत्पाद खरीदने की अपील की जाएगी।

किसानों को दिए जाएंगे व्यावहारिक संदेश

अभियान के तहत किसानों को अवैध कीटनाशकों से सावधान रहने, गुणवत्तापूर्ण और असली उत्पाद चुनने तथा अधिकृत विक्रेताओं से ही कीटनाशक खरीदने के लिए जागरूक किया जाएगा।

किसानों को प्रत्येक खरीद पर बिल लेने, उत्पाद के लेबल और निर्देशों को ध्यान से पढ़ने तथा निर्धारित मात्रा और विधि के अनुसार कीटनाशकों का इस्तेमाल करने की जानकारी दी जाएगी। साथ ही, उचित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) के इस्तेमाल और जरूरत पड़ने पर कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेने पर भी जोर दिया जाएगा।

क्रॉपलाइफ इंडिया के महासचिव दुर्गेश चंद्र ने कहा कि किसानों को सही जानकारी उपलब्ध कराना अवैध कीटनाशकों की समस्या से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा, “किसानों को ज्ञान और सही जानकारी से सशक्त बनाना एक मजबूत और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए जरूरी है। अवैध कीटनाशकों के खिलाफ लड़ाई में सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।”

उन्होंने बताया कि अभियान के माध्यम से 25 लाख से अधिक किसानों तक असली उत्पाद चुनने, प्रत्येक खरीद पर बिल लेने और सुरक्षित एवं जिम्मेदार फसल सुरक्षा उपायों की जानकारी पहुंचाने का लक्ष्य है।

सुरक्षित कृषि के लिए सामूहिक संकल्प

क्रॉपलाइफ इंडिया ने किसानों, कृषि इनपुट डीलरों, निर्माताओं, वैज्ञानिकों, सरकारी एजेंसियों और अन्य हितधारकों से अभियान में शामिल होने की अपील की है।

अभियान का संदेश है: “अवैध कीटनाशकों को कहें ना। सुरक्षित कृषि को चुनें। समृद्ध भारत का निर्माण करें।”

क्रॉपलाइफ इंडिया के अनुसार, यह अभियान सुरक्षित उपयोग, टिकाऊ कृषि और किसानों की जागरूकता को बढ़ावा देने के उसके प्रयासों का हिस्सा है।

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