राज्य कृषि समाचार (State News)

महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय उदयपुर एवं भारतीय तिलहन अनुसंधान केंद्र के मध्य एमओयू

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01 जून 2024, उदयपुर: महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय उदयपुर एवं भारतीय तिलहन अनुसंधान केंद्र के मध्य एमओयू – महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने 31 मई 2024 को तिलहनी फसलों में अनुसंधान को गति प्रदान करने के लिए ICAR के भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर कुलपति डॉ. अजीत कुमार कर्नाटक ने तिलहन उत्पादन बढ़ाने हेतु अधिक उपज देने वाली किस्मों की आवश्यकता बताई ।  साथ ही उन्होंने कहा कि तिलहनी फसलों के पैकेज एंड प्रैक्टिस में सुधार अत्यंत आवश्यकता है एवं उच्च कोटि के अनुसंधान द्वारा तिलहनी फसलों के हर पहलू पर नई तकनीकी कृषकों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। डॉ रवि कुमार माथुर, निदेशक, भारतीय तिलहन अनुसंधान केंद्र ने कहा कि इस सहमति पत्र के हस्ताक्षर के बाद दोनों ही संस्थाओं में तिलहनी फसलों पर संयुक्त रूप से अनुसंधान किए जा सकेंगे। दोनों संस्थाओं के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक एवं विद्यार्थी उपलब्ध संसाधनों का लाभ उठा सकेंगे।

सहमति पत्र के अनुसार महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय के छात्र हैदराबाद जाकर तिलहनी फसलों पर उच्च कोटि का अनुसंधान वहां के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में  कर सकेंगे। विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ अरविंद वर्मा, ने सहमति पत्र की विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर चर्चा करी। उन्होंने बताया कि भारतीय तिलहन अनुसंधान केंद्र मुख्य रूप से 6 तिलहनी फसलों जैसे कि अरंडी, अलसी, तिल, कुसुम, सूरजमुखी एवं नाइजर पर अनुसंधान कर रही है यह सभी फैसले जलवायु अनुकूलित फैसले हैं एवम वर्तमान में बढ़ती हुई स्वास्थ्य जागरूकता को देखते हुए इन सभी तिलहनी फसलों की मांग बहुत अधिक है जिससे कि इन फसलों में अनुसंधान व उत्पादन बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं ।

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